डार्क वेब क्‍या है? जहां मिल रहे हैं सिर्फ 15 मिनट में ATM हैक करने वाले टूल्‍स

डार्क वेब पर ATM हैकिंग के ट्यूटोरियल्‍स भी बिक रहे हैं जो सिर्फ 100 डॉलर देकर खरीदे जा सकते हैं. इनके जरिए कोई नौसिखिया भी 15 मिनट में ATM हैक कर सकता है.

डार्क वेब पर ऐसे टूल्‍स और डिवाइसेज बेचे जा रहे हैं, जिनसे ऑटोमेटेड टेलर मशीन (ATM) को कोई नौसिखिया भी 15 मिनट में हैक कर सकता है. साइबर सिक्‍योरिटी फर्म CloudSEK ने पता लगाया है कि डार्क वेब पर रेडीमेड टूल्‍स जैसे- मालवेयर कार्ड्स, USB ATM मॉलवेयर बिक रहे हैं.

फर्म के सिक्‍योरिटी रिसर्चर्स ने खरीदार बनकर एक सेलर से कॉन्‍टैक्‍स किया. उसने ATM मॉलवेयर कार्ड ऑफर किया जिसमें कार्ड, PIN डिस्क्रिप्‍टर, ट्रिगर कार्ड और एक इंस्‍ट्रक्‍शन कार्ड था. एक बार इंस्‍टॉल करने के बाद यह सारी कार्ड डिटेल्‍स चुपचाप स्‍टोर करता रहता है. पैसा निकालने के लिए ट्रिगर कार्ड की जरूरत पड़ती है.

USB डिवाइसेज के जरिए ATM से कैश निकालने की घटनाएं भी जोर पकड़ रही हैं. ये मालवेयर मुख्‍य रूप से विंडोज एक्‍सपी पर चलने वाले सिस्‍टम्‍स को टारगेट करते हैं. डार्क वेब पर ATM हैकिंग के ट्यूटोरियल्‍स भी बिक रहे हैं जो सिर्फ 100 डॉलर देकर खरीदे जा सकते हैं.

क्‍या है डार्क वेब?

डार्क वेब या डार्कनेट दरअसल वर्ल्‍ड वाइड वेब (WWW) का वो हिस्‍सा है जिसे एक्‍सेस करने के लिए खास सॉफ्टवेयर और कॉन्फिगरेशन की जरूरत पड़ती है. तकनीकी रूप से देखा जाए तो डार्क वेब, डीप वेब का एक छोटा सा हिस्‍सा है. इंटरनेट के उस हिस्‍से को डीप वेब कहते हैं जो गूगल, बिंग जैसे सर्च इंजन्‍स इंडेक्‍स नहीं करते.

Dark Web को सिर्फ Tor और I2P नेटवर्क्‍स के जरिए एक्‍सेस किया जा सकता है. इसे आप सामान्‍य ब्राउजर और इंटरनेट कनेक्‍शन पर नहीं खोल सकते. इसके वेबपेजेज का डोमेन “.onion” होता है. डार्क वेब का इस्‍तेमाल खुफिया मिशंस के अलावा अवैध गतिविधियों के लिए खूब होता रहा है.

दिसंबर 2014 की एक रिसर्च बताती है कि Tor पर होस्‍टेड अधिकतर कंटेंट चाइल्‍ड पॉर्नोग्राफी से जुड़ा था. इसके बाद ब्‍लैक मार्केट्स का नंबर आता है. Tor नेटवर्क के सिर्फ 3 प्रतिशत टैफिक का इस्‍तेमाल Dark Web ब्राउज करने के लिए होता है.

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