जिस फीचर की वजह से फेमस हुआ व्हाट्सऐप उसे किया जाएगा बैन?

अमेरिका की ट्रंप सरकार बहुत पहले से एंड टू एंड इनक्रिप्शन के विरोध में रही है. अब बताया जा रहा है कि इसे बैन किया जाएगा.

व्हाट्सऐप दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप है. व्हाट्सऐप की प्रसिद्धि के पीछे इसके ‘एंड टू एंड इन्क्रिप्शन’ फीचर का बड़ा हाथ है. जिसकी वजह से इसकी चैट सुरक्षित रहती है. अमेरिकी मैगजीन पॉलिटिको की खबर के मुताबिक अमेरिकी सरकार एंड टू एंड इन्क्रिप्शन बैन करने की योजना बना रही है.

क्या है एंड टू एंड इन्क्रिप्शन

इन्क्रिप्शन एक विधि है जिससे डेटा या चैट को कोड में बदल दिया जाता है. इस चैटिंग में मैसेज सिर्फ भेजने और रिसीव करने वाला ही पढ़ सकता है. इसके अलावा न तो कोई और कंपनी, न ही खुफिया एजेंसी उस मैसेज को पढ़ सकती है. अगर कोई और मैसेज खोलने की कोशिश करे तो सिर्फ कोड्स दिखेंगे. इसी प्राइवेसी फीचर के लिए दुनिया ने इसे बहुत पसंद किया. कुछ देशों में इसका विरोध भी हो रहा है.

इनक्रिप्टेड मैसेज का नमूना

पॉलिटिको के मुताबिक अमेरिका सरकार के अफसर हाल ही में इन्क्रिप्शन सिस्टम के बारे में बातचीत के लिए मिले हैं. नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में भी बातचीत का मुख्य मुद्दा एंड टू एंड इन्क्रिप्शन ही रहा है. हालांकि अभी तक ये साफ नहीं है कि इन्क्रिप्शन बैन किया जाएगा या इसमें बदलाव किया जाएगा.

व्हाट्सऐप के अलावा सिर्फ ऐपल के मैसेज में ये सुविधा है. अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ऐपल के इस फीचर के खिलाफ राष्ट्रपति बनने से पहले भी रहे हैं. दिसंबर 2015 में सैन बर्नार्डिनो शहर में एक शूटर ने 14 लोगों की हत्या कर दी थी. उसका आईफोन अनलॉक करने से ऐपल ने मना कर दिया था. FBI ने एक सिक्योरिटी फर्म को एक मिलियन डॉलर(लगभग 7 करोड़ रुपए) देकर लॉक खुलवाया था.

एंड टू एंड इन्क्रिप्शन हटने के बाद व्हाट्सऐप के पूरी दुनिया के यूजर्स पर असर पड़ेगा. बता दें कि व्हाट्सऐप से सबसे ज्यादा यूजर्स भारत में हैं. ट्रंप सरकार का आखिरी फैसला इस पर क्या होगा, ये देखने वाली बात होगी.

ये भी पढ़ें:

भारत में अगले महीने लॉन्च होगा Redmi 7A, जानें क्या है खास

Deep Nude App: महिलाओं की फोटो को न्यूड बनाता था ये एप, न करें सर्च

फोन लॉक करने के तरीके से पता चल सकती है आपकी उम्र