गूगल ने लॉन्च किया शॉर्ट वीडियो मेकिंग प्लेटफॉर्म Youtube Shorts, टिकटॉक को करेगा रिप्लेस

Youtube Shorts पर यूजर टिकटॉक की तरह ही 15 सेकेंड के वीडियो को अपलोड कर सकते हैं. इन वीडियोज को किसी दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जा सकता है.

चीनी एप टिकटॉक (TikTok) के बैन किए जाने के बाद लाखों भारतीय अपनी क्रिएटिविटी दिखाने के लिए नए मंच की तलाश में हैं और इसी को ध्यान में रखते हुए गूगल ने भारत में शॉर्ट वीडियो मेकिंग प्लेटफॉर्म Youtube Shorts लॉन्च किया है. इससे पहले फेसबुक ने शॉर्ट वीडियो मेकिंग एप इंस्टाग्राम रील्स (Instagram Reels) भारत में शुरू किया था.

एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए Youtube ने इस शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म की घोषणा की है. Youtube Shorts पर यूजर टिकटॉक की तरह ही 15 सेकेंड के वीडियो को अपलोड कर सकते हैं. इन वीडियोज को किसी दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जा सकता है.

एपल इवेंट में iPad Air 2020 और Apple Watch Series 6 समेत लॉन्च हुए ये प्रोडक्ट, जानें क्या रहा खास

Youtube Shorts में सॉन्ग्स की बड़ी लाइब्रेरी मिलेगी. इसे यूज करके आप शॉर्ट वीडियो क्रिएट कर सकते हैं. इसके अलावा क्रिएटर टूल में कई तरह के टूल्स भी दिए गए जिसकी मदद से आप वीडियो को इन्हांस कर सकते हैं. इसमें टिकटॉक की तरह ही स्पीड, टाइमर और काउंटडाउन फीचर दिए गए हैं. इसके साथ ही मल्टी सेगमेंट कैमरे का इस्तेमाल कर मल्टीपल फ्रेम में वीडियो शूट कर सकते हैं.

Youtube के मुताबिक आने वाले कुछ हफ्तों में इस प्लेटफॉर्म में कई फीचर्स जुड़ने वाले हैं. फिलहाल इसे एंड्राइड यूजर्स के लिए रोल आउट किया गया है. इसे जल्द ही iOS यूजर्स के लिए भी रोल आउट किया जाएगा.

5 सितंबर से जियो फाइबर यूजर्स को मिलेगा अनलिमिटेड इंटरनेट, कंपनी दे रही फ्री ट्रायल

बता दें सरकार ने जून में टिकटॉक समेत 59 चीनी एप्स को देश में बैन कर दिया गया था. भारत और चीन के बीच गलवान में हुई हिंसक झड़प के बाद यह पहल की गई थी. चीनी एप्स पर बैन लगाने के फैसले पर भारत सरकार का कहना था कि सुरक्षा के मद्देनजर ये कदम उठाया गया है. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को विभिन्न स्रोतों से इन एप्स को लेकर कई शिकायतें मिली थीं. इनमें कई मोबाइल एप्स के दुरुपयोग की बातें थीं. ये एप्स आईफोन और एंड्रॉयड दोनों यूजर्स का डाटा चोरी कर रहे थे.

टिकटॉक चीनी एप है और इसके बैन के बाद भारतीय भारत में बने या सीधे तौर पर गैर चीनी एप्स यूज करना चाहते हैं. 68 फीसदी टिकटॉक कंटेंस क्रिएटर्स का कहना है कि वे आने वाले समय में भारतीय या फिर नॉन-चाइनीज वीडियो शेयरिंग एप उपयोग में लाएंगे.

LG Wing: एलजी ने पेश की डुअल स्क्रीन फोन ‘विंग’ की झलक, गेमिंग के लिए होगा खास

Related Posts