2 लाख से 50 लाख रुपए के लिए आपको धोखा देनेवाले 36 फिल्मी छलिये !

Share this on WhatsAppसियासत और सिनेमा की जुगलबंदी नई नहीं है. ना किसी को इस से कभी ऐतराज़ ही रहा है. भारत की जनता ने हिंदी फिल्म उद्योग और टीवी सीरियल्स में काम करनेवाले कलाकारों को चुनाव लड़ने से लेकर स्टार कैंपेनर बन प्रत्याशियों के लिए वोट मांगने तक हर मुद्रा में देखा है. कई […]

सियासत और सिनेमा की जुगलबंदी नई नहीं है. ना किसी को इस से कभी ऐतराज़ ही रहा है. भारत की जनता ने हिंदी फिल्म उद्योग और टीवी सीरियल्स में काम करनेवाले कलाकारों को चुनाव लड़ने से लेकर स्टार कैंपेनर बन प्रत्याशियों के लिए वोट मांगने तक हर मुद्रा में देखा है. कई अभिनेता या अभिनेत्री तो ऐसे भी रहे जो सुबह किसी एक पार्टी उम्मीदवार के मंच पर दिखे तो शाम को दूसरी पार्टी के रोड शो में हाथ जोड़े नज़र आए. ऐसा उन्होंने निजी रिश्तों के तर्क पर धड़ल्ले से किया और उसे लोगों ने मंज़ूर भी कर लिया. 

ये तो किसी को नहीं मालूम कि फिल्म और टीवी वाले वोट कितने जुटा पाते हैं लेकिन शायद ही कोई चुनाव होगा जब कलाकारों की सेवाएं ना ली जाती हों, इसीलिए ये कलाकार भी अपनी इस उपयोगिता को खूब समझते हैं. 

कोबरा पोस्ट के ‘ऑपरेशन कराओके’ ने इसी बात का फायदा उठाते हुए 36 ऐसे फिल्मी अभिनेता, अभिनेत्रियों, कॉमेडियन्स, गायकों को बेनकाब किया जो लाखों की कीमत लेकर चोरी-छिपे अपने प्रभाव का राजनीतिक दलों के लिए इस्तेमाल करने को राजी हो गए. 

दरअसल गलत ये नहीं कि आप किसी राजनीतिक दल का पक्ष लें, गलत ये भी नहीं कि आप फीस लेकर किसी का प्रचार करें, लेकिन ये सही नहीं ठहराया जा सकता कि आप चुपके से पैसा लें और छद्म तरीके से किसी पार्टी विशेष का अपने फॉलोअर्स के सामने किसी भी मुद्दे पर बचाव करें. कोबरा पोस्ट के ताज़ा स्टिंग ऑपरेशन में ये तमाम कलाकार 2 लाख से 50 लाख रुपए प्रति ट्वीट की दर से ऐसा करने को तैयार हो गए. कमाल तो ये है कि दुनिया के सामने नोटबंदी के पक्ष में दलीलें देनेवाले भी अपनी फीस ब्लैक में लेने के लिए ललचाते दिखे. विवेक ओबेरॉय नोटबंदी के दिनों में सरकार का समर्थन कर रहे थे, लेकिन खुद अस्सी फीसदी पैसा ब्लैक में लेने को एकदम तैयार हो गए. उन्होंने एक बार भी नहीं कहा कि वो ब्लैक मनी के खिलाफ हैं. 

अपने लाखों फॉलोअर्स के साथ धोखा करने को तैयार इन कलाकारों के लिए पार्टी कोई मायने नहीं रखती दिखी. ये किसी भी पार्टी के लिए अपने ट्वीट बेचने पर उतारू थे. इन्हें बस कीमत से मतलब था, और कीमत लगते ही इन्होंने स्टिंग ऑपरेशन करनेवाली टीम की हर शर्त पर घुटने टेक दिए. अपनी सियासी आस्था की बोली लगाने से इनकार करनेवालों में रज़ा मुराद, अरशद वारसी, विद्या बालन और सौम्या टंडन ही अपवाद थे, बाकी तो सब सोशल मीडिया के बाज़ार में 2 से 50 लाख में बिकने को तैयार ही दिखे.

अपने ट्वीट बेचने के लिए सबसे बड़ी कीमत लगाई फिल्म दबंग से मशहूर हुए सोनू सूद ने. वो हर ट्वीट के लिए पचास लाख रुपए चाहते थे. बाकायदा स्टिंग ऑपरेशन कर रही टीम को समझा रहे थे कि पार्टी के प्रति अपने पक्षपात को गोपनीय रखना ही सबसे ज़रूरी है.

पैसा पाने की उकताहट देखिए कि अभिजीत भट्टाचार्य जैसे चुके हुए सिंगर ट्वीट करने के लिए ही नहीं बल्कि वीडियो बनाने के लिए भी मान गए. उन्होंने तो ट्वीट में गाली-गलौच करने पर भी बढ़-चढ़कर सहमति दे दी. एकदम ठोक कर कहा- ये मैं ही कर सकता हूं.

कोबरा पोस्ट के स्टिंग में राखी सावंत भी फंसी. राखी ने कुछ ही दिन पहले योगी आदित्यनाथ के खिलाफ एक ऐसा वीडियो बनाया था जो काफी वायरल हुआ था लेकिन मोटे पैसे की खनखनाहट में उनके सुर बदल गए. बाकी सब छोड़िए, राखी तो योगी से माफी मांगती दिखीं.

इसी तरह पंकज धीर, शक्ति कपूर, अमीषा पटेल, अमन वर्मा समेत पूरे 36 चेहरों ने बड़े ही आराम से अपनी राजनीतिक आस्था बेच दी. उन्हें एक पल को भी नहीं लगा कि जो फॉलोअर्स उन्हें अपना रोल मॉडल मानते हैं या उन्हें दिल से चाहते हैं ये उनके साथ कितना बड़ा धोखा होगा.