पाकिस्तानी कट्टरपंथियों के चंगुल से आखिरकार आसिया बीबी आजाद, परिवार के पास पहुंची कनाडा

पाकिस्तानी कट्टरपंथियों के निशाने पर लगातार रहनेवाली आसिया बीबी कनाडा पहुंच गई हैं. ईशनिंदा के आरोप से मुक्त होने के बावजूद उन्हें लगातार मारने की धमकियां मिल रही थीं.

पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में मौत की सजा पाने वाली ईसाई महिला आसिया बीबी आखिरकार अपना मुल्क छोड़कर कनाडा पहुंच गईं. कनाडा सरकार ने उन्हें शरण दे दी है. पाकिस्तान की जेलों में आसिया ने 8 साल बिताए लेकिन 31 अक्टूबर 2018 को पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया. जेल में रहने के दौरान ही आसिया को इटली, फ्रांस और स्पेन ने सपरिवार शरण देने का प्रस्ताव रखा था.

वैसे आसिया को सुप्रीम कोर्ट की क्लीन चिट भी बचा नहीं सकी थी और पाकिस्तान में उनका ज़बरदस्त विरोध होता रहा. इसके उलट कुछ लोगों ने तो जजों पर भी सख्त से सख्त टिप्पणी करनी शुरू कर दी. माहौल इतना खराब हुआ कि न्यायधीशों पर हो रही अभद्र टिप्पणियों को रुकवाने के लिए इमरान खान तक को सामने आना पड़ा.

कैसे शुरू हुआ था विवाद
14 जून 2009 को लाहौर के शेखपुरा में आसिया बीबी का तीन मुसलमान महिलाओं से विवाद हो गया था. सभी खेतों में काम कर रही थीं कि तभी तेज धूप में काम करते हुए वो आसिया के घर के पास बैठ गईं. उन्होंने पीने के लिए पानी मांगा. आसिया ने ट्यूबवेल से जग भरा और महिलाओं को पकड़ाने से पहले उसमें से थोड़ा पानी पी लिया. इसी पर मुस्लिम महिलाएं आसिया से भिड़ गईं. बाद में उन्होंने आरोप लगाया कि आसिया ने पैगंबर मोहम्मद और ईसा मसीह की तुलना की. आसिया पर ईशनिंदा का केस दर्ज हुआ जिसके तहत उसकी गिरफ्तारी कर ली गई. इससे पहले पुलिस के साथ उग्र भीड़ ने आसिया को घर से बाहर निकालकर बुरी तरह पीटा भी था.

आसिया बीबी को शेखपुरा की अदालत में ईशनिंदा का दोषी माना गया और 8 नवंबर 2010 को मौत की सजा सुनाई गई. दुनिया भर में मामला काफी चर्चित हो रहा था. ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरू पोप बेनेडिक्ट 16वें ने आसिया को रिहा करने की मांग रखी.

आसिया के लिए लड़नेवालों की हत्या
इसी दौरान 4 जनवरी 2011 को पंजाब  के राज्यपाल सलमान तासीर की हत्या उन्हीं के अंगरक्षक मुमताज़ कादरी ने कर दी जिसने पूरे पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया. सलमान जेल में आसिया से मिलने गए थे जिससे उनका अंगरक्षक नाराज़ था. अभी पाकिस्तान इस हत्याकांड से उबर रहा था कि 2 मार्च 2011 को पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मंत्री शाहबाज़ भट्टी की हत्या हो गई. वो ईशनिंदा के कानून को बदलने के लिए अभियान चला रहे थे. अगस्त 2011 में सलमान तासीर के बेटे शाहबाज़ को भी पाकिस्तानी तालिबान ने अगवा करके फिर सनसनी फैला दी जिन्हें करीब पांच साल बाद रिहा किया गया.

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सलमान तासीर की हत्या ने पाकिस्तान ही नहीं दुनिया को भी हिला दिया

16 अक्टूबर 2014 को लाहौर हाईकोर्ट ने भी आसिया बीबी की फांसी को बरकरार रखा. आसिया के पति ने तत्कालीन राष्ट्रपति जरदारी के पास जाकर अपील की. साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी दरख्वास्त रखी गई.

22 जुलाई 2015 को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने उसकी सजा को तब तक के लिए निलंबित कर दिया जब तक कि सजा पर अपील की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती. 31 अक्टूबर 2018 को आसिया पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम फैसला देते हुए उसे बरी कर दिया.

इसी साल 29 जनवरी को पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने आसिया से देश छोड़ने की पाबंदी हटा ली और आखिरकार आसिया पहले से कनाडा पहुंच चुके अपने परिवार से मिल गईं.

 

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