ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी समेत इन नियमों में हो रहा बड़ा बदलाव, जानें पूरी डिटेल

रिजर्व बैंक ने जानकारी दी है कि 16 दिसंबर 2019 से एनईएफटी के जरिए चौबीसों घंटे लेन-देन हो सकता है.
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बैंकिंग, सड़क परिवहन और दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े कई नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. ये बदलाव देश की अर्थव्‍यवस्‍था को प्रभावित करेंगे. साथ ही आपकी जेब भी सीधा असर पड़ेगा. नए बदलाव 15 और 16 दिसंबर से लागू होने जा रहे हैं. चलिए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

बिना फास्टैग के दोगुना जुर्माना
परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि कि चार पहिया गाड़ियों और भारी वाहनों के लिए 16 दिसंबर 2019 से फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने टोल एजेंसियों को इसकी व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं.

मालूम हो कि फास्टैग लेन से उन्हीं गाड़ियों को निकलने दिया जाएगा, जिसमें फास्टैग लगा होगा. बिना फास्टैग की गाड़ी उस लेन में गई तो चालक को दोगुना जुर्माना भरना होगा.

रिजर्व बैंक ने दी बड़ी सुविधा
रिजर्व बैंक ने जानकारी दी है कि 16 दिसंबर 2019 से राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कोष हस्तांतरण प्रणाली (एनईएफटी) के जरिए चौबीसों घंटे लेन-देन हो सकता है. 15 दिसंबर की रात 12:30 बजे से ऑनलाइन पैसे भेजने या पाने की सुविधा ग्राहकों को उपलब्ध होगी.

डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक ने लेन-देन को चौबीसों घंटे, सातों दिन करने का फैसला किया है. इससे पहले एनईएफटी के जरिए लेन-देन का निस्तारण सामान्य दिनों में सुबह आठ बजे से शाम सात बजे के दौरान तथा पहले एवं तीसरे शनिवार को सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक घंटे के आधार पर किया जाता है.

आईसीआईसीआई बैंक ग्राहकों के लिए
आईसीआईसीआई बैंक ग्राहकों को 15 दिसंबर 2019 से चार बार ही नकद लेन-देन (जमा/निकासी) की सुविधा मिलेगी. इससे ज्यादा बैंक से लेन-देन पर 150 रुपए अतिरिक्त शुल्क काटा जाएगा.

इसके साथ ही होम ब्रांच में निशुल्क जमा-निकासी की भी अधिकतम दो लाख रुपए की सीमा तय कर दी गई है. इसके बाद प्रति हजार रुपए पर पांच रुपए शुल्क होगा, इसमें भी न्यूनतम शुल्क 150 रुपए होगा.

मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी 
टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के लिए नए नियम लेकर आ रहा है. इसके तहत नंबर पोर्ट करने के लिए यूनीक पोर्टिंग कोड जेनरेट करने की जरूरत होगी. यूजर तीन कामकाजी दिन में अपने मोबाइल नंबर को पोर्ट कर सकते हैं. साथ ही एक सर्कल से दूसरे सर्कल में नंबर पोर्ट कराने के लिए 5 कामकाजी दिन का समय लगेगा.

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