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वर्दी से खादी पर आए ‘लाइट, कैमरा, एक्शन’ वाले बिहार के गुप्तेश्वर पांडे का पूरा बायोडेटा

नई दिल्ली. आपको बिग बॉस वाले दीपक ठाकुर तो याद ही होंगे. आजकल उनका गाना ‘राबिन हुड बिहार के’ काफी देखा जा रहा है. लेकिन इस गाने की चर्चा इसलिए नहीं है कि ये दीपक ठाकुर ने गाया है, बल्कि इसलिए है क्योंकि यह बिहार के चर्चित पुलिस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडे पर फिल्माया गया है. […]

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 11:25 am, Thu, 1 October 20
बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे. वह अब JDU नेता हैं.

नई दिल्ली. आपको बिग बॉस वाले दीपक ठाकुर तो याद ही होंगे. आजकल उनका गाना ‘राबिन हुड बिहार के’ काफी देखा जा रहा है. लेकिन इस गाने की चर्चा इसलिए नहीं है कि ये दीपक ठाकुर ने गाया है, बल्कि इसलिए है क्योंकि यह बिहार के चर्चित पुलिस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडे पर फिल्माया गया है. 22 सितंबर तक पांडे जी बिहार के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) थे लेकिन अब उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी JDU जॉइन कर ली है. गुप्तेश्वर पांडे इस बार बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ सकते हैं. लेकिन अगर उनका फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पेज देखा जाए तो पता चलता है कि उन्हें ‘लाइट, कैमरा और एक्शन’ बहुत पसंद है. इसी वजह से वह कई बार विरोधियों के निशाने पर भी रहे हैं और उन्हें स्टंटमैन तक कहा गया. आज हम उन्हीं का पूरा बायोडेटा दे रहे हैं.

(tv9 क्रिएटिव)

संघर्ष से शिखर तक की कहानी
गुप्तेश्वर पांडे की कहानी भी फिल्म जैसी है. इसमें बचपन के संघर्ष भी हैं और जवानी में कुछ कर दिखाने का जज्बा. ‘दबंग’ की तर्ज पर वर्दी वाला किरदार है. कुछ घटनाक्रम और कुछ आरोप भी हैं. बहरहाल, उनकी वेबसाइट पर दिए गए ब्योरे के मुताबिक जिस गांव में वह जन्मे वहां न सड़कें थीं, न ही बिजली. साधारण सा परिवार और एक ऐसा घटनाक्रम जिसने उन्हें पुलिस अधिकारी बनने के लिए प्रेरित कर दिया. कई मौकों पर उन्होंने बताया कि जब वह 10 साल के थे, तब उनके घर में चोरी हो गई थी. उस वक्त पुलिस ने उनके माता-पिता से न सिर्फ बदतमीजी की बल्कि चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की. उसी वक्त उन्होंने ठान लिया था कि वह पुलिस अधिकारी बनेंगे. वैसे, बिहार में उन्हें शराबबंदी अभियान का नायक माना जाता है. लाइमलाइट में बने रहना भी उनको पसंद है. एक बार तो वह DGP रहते हुए सबूतों की तलाश में नदी में उतर गए थे. इसके अलावा भी कई ऐसे मौके रहे हैं, जब वह लाइमलाइट में बने रहे.

सुशांत केस में लाइमलाइट में रहे
गुप्तेश्वर पांडे सुशांत केस में भी लाइमलाइट में रहे हैं. इस केस में न सिर्फ उन्होंने बिहार में FIR दर्ज करवाई, बल्कि बयानों को लेकर चर्चा में रहे. यहां तक कि उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री पर कमेंट करने की औकात रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) की नहीं है.

सोशल मीडिया पर सुपर एक्टिव
गुप्तेश्वर पांडे ने दो बार UPSC की परीक्षा दी. पहली बार 1986 में, जिसमें उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा में हुआ. इसके बाद दूसरी बार 1987 में फिर उन्हें भारतीय पुलिस सेवा में जाने का मौका मिला. गुप्तेश्वर पांडे सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं. उनकी अपनी एक वेबसाइट है. ट्विटर पर 2 लाख 61 हज़ार फॉलोअर्स हैं तो उनके फेसबुक पेज को 8 लाख 22 हजार लोग फॉलो करते हैं.

पहले भी ले चुके हैं VRS
मार्च, 2009 को पांडे के एक फैसले ने तब सबको चौंका दिया था, जब उन्होंने पुलिस सेवा से रिटायरमेंट ली थी. इस रिटायरमेंट के बाद लोगों को हैरानी तब हुई, जब वो ठीक नौ महीने बाद पुलिस सेवा में फिर से शामिल हो गए.