बीजेपी का नया हेड ऑफिस अशुभ! पुराने कार्यालय में अमित शाह की आस्था…

बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यालय की नई इमारत को पार्टी अशुभ मान रही है. दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित नवनिर्मित भव्य इमारत बीजेपी को वास्तु शास्त्र के लिहाज से रास नहीं आई. राष्ट्रीय ऑफिस की नई इमारत में शिफ्ट होने के बाद देशभर में हुये कई चुनाव पार्टी हारती चली गई.

नई दिल्ली: बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यालय की नई इमारत को पार्टी अशुभ मान रही है. दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित नवनिर्मित भव्य इमारत बीजेपी को वास्तु शास्त्र के लिहाज से  रास नहीं आई.  राष्ट्रीय ऑफिस की नई इमारत में शिफ्ट होने के बाद देशभर में हुये कई चुनाव पार्टी हारती चली गई. पार्टी को लगता है कि इमारत वास्तु शास्त्र के मुताबिक अशुभ है और अमंगलकारी है. इसी वजह से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अशोक मार्ग स्थित पार्टी के पुराने मुख्यालय में बैठने का फैसला किया है. पुराने ऑफिस में अमित शाह के कार्यालय को नये सिरे से तैयार करने का काम चल रहा है.

पुराने मुख्यालय से काम कर पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया था, इस जीत में अमित शाह का महत्वपूर्ण योगदान था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के नये ऑफिस का उद्घाटन पिछले साल 18 फरवरी को किया था. इसी दिन त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के नतीजे भी आये थे. बीजेपी ने सहयोगी दल आईपीएफटी के साथ मिल कर 60 सदस्यीय विधानसभा में 44 सीटों पर शानदार जीत हासिल की थी. उसने 25 साल से त्रिपुरा की सत्ता पर काबिज लेफ्ट पार्टियों को हराया था. पूरी इमारत रोशनी से जगमगा रही थी. उस वक्त ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ता नाच रहे थे. यही पार्टी के लिये आखिरी खुशी का अवसर था. मई में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद बीजेपी सरकार नहीं बना पाई. यही हालात मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में हुये. छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव में पार्टी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा. इस बीच पार्टी के वरिष्ट नेता अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया और उनकी अंतिमयात्रा भी नये ऑफिस से ही निकाली गई.

पुराने ऑफिस में वॉर रूम होने की दलील! 

बीजेपी नेताओं की दलील है कि पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपना वॉर रूम अशोक रोड स्थित मुख्यालय में बनाया है, यही वजह है कि उसकी मॉनिटरिंग के लिए अमित शाह अब ज्यादा वक्त इसी ऑफिस में रहेंगे. कुछ बैठकों के लिए वे नये ऑफिस भी जाएंगे, मगर उनका ज्यादा समय अब अशोक रोड वाले पुराने ऑफिस में ही बीतेगा.

बीजेपी का वास्तु दोष वाला इतिहास!

इससे पहले भी अमित शाह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी के पुराने ऑफिस में वास्तु दोष ठीक कराने के लिए उसमें प्रवेश के लिए एक नया गेट बनवाया था. इसके अलावा भी उन्होंने पुराने ऑफिस में कई बदलाव कराये थे.

कांग्रेस भी वास्तु शास्त्र के फेर में फंस चुकी है! 

कांग्रेस ने भी राजीव गांधी के समय में डा. राजेंद्र प्रसाद रोड पर पार्टी का भव्य ऑफिस बनवाया था. इसका नाम जवाहर भवन रखा गया था. इससे पहले कि पार्टी नये ऑफिस में शिफ्ट होती, राजीव गांधी की हत्या कर दी गई, इसके बाद कांग्रेस नये ऑफिस में शिफ्ट नहीं हुई, इस इमारत में अब राजीव गांधी फाउंडेशन का कार्यालय है.

शुभ-अशुभ बंगलों का भूगोल और इतिहास!

मौलाना आजाद रोड स्थित एक सरकारी बंगले को कोई लेना नहीं चाहता क्योंकि इसमें रहने वाला मंत्री ज्यादा दिनों तक पद पर नहीं रह पाता है,जबकि 13, तालकटोरा रोड स्थित बंगला सभी की रास आता है. इसमें रहते हुये प्रणब मुखर्जी हमेशा बड़े पदों पर रहे और अंत में राष्ट्रपति बने. उनके बाद इस बंगले में रहने आये अशोक गहलोत कांग्रेस के संगठन महामंत्री रहे और फिर राजस्थान के मुख्यमंत्री बने.