भारतीय सेना ने चीन आर्मी के सरहद में घुसपैठ की खबरों का किया खंडन, कहा- वो अपनी सीमा में थे

मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने लद्दाख में भारतीय सीमा में 6 किलोमीटर आकर चीनी झंडा लहराया. इस दौरान लद्दाख में स्थानीय धर्मगुरु दलाई लामा का जन्मदिन मना रहे थे.

नई दिल्ली: भारतीय सेना ने चीनी सेना के भारत मे घुसपैठ की खबरों का खंडन कर निराधार बताया है. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सेना के सूत्रों ने कहा कि चीन की ओर से कोई घुसपैठ नहीं की गई. चीनी सैनिक सिविल ड्रेस में थे, वे नागरिक वाहन से आकर डेमचोक में एलओसी पर अपनी सीमा में तैनात हो गए.

इससे पहले मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने लद्दाख में भारतीय सीमा में 6 किलोमीटर आकर चीनी झंडा लहराया. इस दौरान लद्दाख में स्थानीय धर्मगुरु दलाई लामा का जन्मदिन मना रहे थे.

समाचार चैनल टाइम्‍स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक डेमचोक की सरपंच ने चीन की सेना के घुसपैठ की पुष्टि की है. ये सैनिक आर्मी वाहन में भारतीय सीमा में आए और चीनी झंडा लहराया. डेमचोक की सरपंच उरगेन चोदोन ने बताया कि चीन के सैनिक भारतीय सीमा में आए. उन्‍होंने बताया क‍ि चीनी सैनिकों के डेमचोक में आने का मकसद कुछ और नजर आ रहा है.

सरपंच ने बताया था कि चीन के सैनिक ऐसे समय पर इस इलाके में आए हैं जब स्‍थानीय लोग दलाई लामा का जन्‍मदिन मना रहे हैं. उरगेन ने बताया कि चीन के सैनिकों का डेमचोक में आना चिंता की बात है. उन्‍होंने कहा कि चीन इस तरह की गतिविधि को अंजाम देकर भारत पर दबाव बढ़ाना चाहता है ताकि अगर कभी बातचीत हो तो उस समय इस क्षेत्र पर अपना दावा किया जा सके. चीन यह कह सकता है कि वहां चीन का झंडा है और उसका टेंट है, ऐसे में यह इलाका उसका है.

चीन ने ऐसा पहली बार नहीं किया है. यहां वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर एक नाले के पास अभी भी चीन के दो टेंट लगे हुए हैं. अगस्‍त 2018 में चीन ने इस क्षेत्र में घुसपैठ की थी और कई टेंट स्‍थापित किए थे. भारत विरोध के बाद उसने कई टेंट हटाए लेकिन अभी भी दो टेंट वहां मौजूद हैं. यही नहीं चीन ने सीमा के उस पार बड़ी संख्‍या में सड़कें बना ली हैं और आधारभूत ढांचे को मजबूत किया है.