क्रिकेट के मैदान पर अक्‍सर बेकाबू होते रहे हैं गौतम गंभीर, देखें ये चार वीडियो

बतौर क्रिकेटर गौतम गंभीर की जिंदगी के वो पल, जब वो नहीं रहे 'जेंटलमैन'
गौतम गंभीर, क्रिकेट के मैदान पर अक्‍सर बेकाबू होते रहे हैं गौतम गंभीर, देखें ये चार वीडियो

गौतम गंभीर. वो क्रिकेटर जिसने भारत को 2007 टी20 वर्ल्‍ड कप और 2011 वर्ल्‍ड कप जिताने में शीट-एंकर की भूमिका निभाई. जिसके जुझारूपन की बड़े-बड़े खिलाड़ी तारीफ करते नहीं थकते थे. फिर आया साल 2019. गंभीर धीरे-धीरे राजनीति की ओर झुकते चले गए. BJP ने पूर्वी दिल्‍ली से लोकसभा चुनाव का टिकट दे दिया. फिर आया चुनाव प्रचार का दौर. मुख्‍य मुकाबला आम आदमी पार्टी की आतिशी से.

इसी बीच AAP एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करती है. एक पैंफलेट दिखाया जाता है जिसमें आतिशी को लेकर अपमानजनक बातें लिखी हुई हैं. आरोप लगता है कि यह सब गौतम गंभीर का किया-धरा है. गंभीर ने साफ कहा है कि अगर उनकी संलिप्‍तता साबित होती है तो वे सार्वजनिक रूप से फांसी पर चढ़ जाएंगे.

राजनीति में उतरने के बाद गौतम गंभीर के सामने यह पहली बड़ी मुश्किल है और अभी तक वे फ्रंट-फुट पर ही खेल रहे हैं. उनके समर्थन में साथ खेले क्रिकेटर्स उतरे हैं. वीवीएस लक्ष्‍मण ने तो कसम तक खा ली है कि गंभीर महिलाओं का बेहद सम्‍मान करते हैं. मगर क्रिकेट के मैदान पर गालियां देते वक्‍त गंभीर को महिलाओं के सम्‍मान का ख्‍याल नहीं आया था?

YouTube पर Gautam Gambhir Fight सर्च कीजिए और देखते जाइए कि मैदान पर अक्‍सर गंभीर के मुंह से फूल झड़ते रहे थे. कुछ वाकये जिन्‍होंने सुर्खियां बटोरीं और जिनकी वजह से गंभीर को मैच रेफरी से फटकार भी लगी, वे कम से कम इस बात की तस्‍दीक तो करते हैं कि गंभीर ‘भ्रदजनों के खेल’ के एक अभद्र चरित्र रहे हैं.

कब-कब गौतम गंभीर ने खोया आपा

साल था 2007. पाकिस्‍तानी टीम पांच वनडे और तीन टेस्‍ट मैच खेलने भारत आई हुई थी. वनडे सीरीज के पहले दो मुकाबलों के बाद टीमें 1-1 से बराबरी पर थीं. 11 नवंबर को तीसरा मैच कानपुर के ग्रीनपार्क स्‍टेडियम में खेला गया. भारत पहले बल्लेबाजी कर रहा था. क्रीज पर थे युवराज सिंह और गौतम गंभीर. 20वां ओवर फेंक रहे शाहिद अफरीदी की तीसरी गेंद पर गंभीर ने आगे बढ़कर चौका मारा. शॉट लगाते ही गौतम अफरीदी से गुस्‍से में कुछ कहते हैं. अगली गेंद पर एलबीडब्‍ल्‍यू की जोरदार अपील होती है, पर सिंगल के लिए दौड़ते समय गंभीर और अफरीदी में टक्‍कर होती है. दोनों के बीच गहमागहमी का स्‍तर ऐसा था कि अंपायर को दखल देना पड़ता है. रिप्‍ले में दिखता है गौतम गालियों से अफरीदी को नवाज रहे थे.

2008. दिल्‍ली का फीरोजशाह कोटला मैदान. ऑस्‍ट्रेलियाई टीम भारत के दौरे पर थी. पहले तो शेन वाटसन ने गौतम गंभीर को स्‍लेज किया, फिर गंभीर ने भी उसी अंदाज में जवाब दिया. दूसरे रन के लिए दौड़ते समय गंभीर ने जान-बूझकर वाटसन को कोहनी मारी थी. कुछ अपशब्‍दों का आदान-प्रदान हुआ और गंभीर को अंपायर ने चेतावनी दी थी. बाद में उनपर मैच रेफरी ने खेल-भावना के खिलाफ व्‍यवहार करने पर लेवल 2 का चार्ज भी लगाया गया था.

साल 2010 का एशिया कप. श्रीलंका के दांबुला स्‍टेडियम में भारत और पाकिस्‍तान का मुकाबला. इन दो देशों के मैच में तनाव पहले से ही चरम पर होता है. भारत को 268 रनों का लक्ष्‍य मिला था. सईद अजमल की एक गेंद गौतम गंभीर से मिस हुई और विकेटकीपर कामरान अकमल ने कैच की अपील कर दी. अंपायर ने नॉट-आउट दिया. इसके बाद जब ड्रिंक्‍स ब्रेक हुआ तो गंभीर सीधे अकमल के पास गए और दोनों के बीच गाली-गलौच शुरू हो गई. अगर तब के कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी ने हस्‍तक्षेप न किया होता तो शायद हालात और भी बिगड़ सकते थे. दिलचस्‍प बात ये कि इस बार भी गेंदबाज शाहिद अफरीदी थे.

गंभीर के दूसरे देशों के क्रिकेटर्स संग भिड़ने की बात को प्रतिद्वंदी व्‍यवहार का नतीजा माना जा सकता है. मगर वो साल 2013 का आईपीएल था. बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मैच हो रहा था. विराट कोहली 10वें ओवर में आउट हो गए. वो किसी बात से अपसेट थे और कुछ ऐसा कहा जो KKR कप्‍तान को नागवार गुजरा. इसके बाद गंभीर तेजी से विराट कोहली की ओर बढ़े. दोनों के बीच रजत भाटिया और अंपायर्स ने दखल दिया वर्ना कहानी कुछ और ही होती.

गौतम गंभीर के इस व्‍यवहार को क्रिकेट के मैदान पर किसी भी लिहाज से ‘सभ्‍य’ तो नहीं कहा जा सकता. भले ही AAP के आरोपों में रत्‍ती भर भी सच्‍चाई न हो, मगर खेल के मैदान पर गालियां देकर गौतम गंभीर ने युवा क्रिकेटर्स के लिए जो उदाहरण सामने रखा था, उसे वो न ही अपनाएं तो बेहतर होगा.

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