EXCLUSIVE: जनसंख्या नियंत्रण पर बोले गिरिराज सिंह, समाज की भागीदारी से बंद होगी कठमुल्लों की बोलती

गिरिराज सिंह ने बोला कि कई धर्म गुरुओं ने कहा कि बच्चे पैदा करने चाहिए. वो कठमुल्ले नहीं हैं क्या. आप इसे मुसलमान से क्यों जोड़ते हैं यानी 'बकरिया करे पागुर तो डायन कहे कि हमारी ही चिंता करती है'.

नई दिल्ली: ‘जनसंख्या विस्फोट’ पर क्यों न बनें कानून मुद्दे पर टीवी9 भारतवर्ष पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक्सक्लूसिव बातचीत की. इस दौरान गिरिराज सिंह इस मुद्दे पर खुलकर बातचीत की. गिरिराज सिंह ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि हमारे देश के लिए खतरा है. इसको लेकर सभी को सोचना पड़ेगा. ये किसी धर्म या मजहब का मुद्दा नहीं है ये देश की मुद्दा है.

टीवी9 भारतवर्ष के कंसल्टिंग एडिटर अजीत अंजुम ने गिरिराज सिंह से सवाल किया कि आप दर्जनों बार जनसंख्या नियंत्रण की बात कर चुके हैं, कल भी आपने ट्वीटर पर इस मुद्दे पर ट्वीट किया. पिछले पांच सालों से आपकी सरकार है और आप सरकार में मंत्री थे और अभी भी आप सरकार में मंत्री हैं तो क्या आपकी सरकार से इस दिशा में कोई प्रयास किया?
इसके जवाब में गिरिराज सिंह ने कहा, “अंजुम जी मैं आपसे निवेदन करूंगा. हर चेहरे में कई चेहरे छिपे होते हैं. मैं यहां सिर्फ गिरिराज बनकर बैठा हूं. मैं 2008 से इस मुद्दे को उठा रहा हूं और हमारी बातों को हमारा समाज और मीडिया तोड़ मरोड़ कर उसे धार्मिक उन्माद की बातों में रख देते हैं. इसलिए मैं आपसे निवेदन कर रहा हूं कि ये एक ऐसा मुद्दा है सड़क से लेकर संसद तक सभी दलों को साथ होकर मुखर होकर वार्ता करने की जरूरत है. भारत ही एक ऐसा देश है, आज दुनिया के करीब 20 ऐसे देश हैं जोकि मुस्लिम देश हैं वो भी जनसंख्या पर पूरी मुस्तैदी के साथ खड़े हैं. आप मोरक्को चले जाएं चाहे जहां चले जाएं. बगल में हमारा भाई बांग्लादेश और पाकिस्तान वहां भी आवाज होती है. लेकिन यहां लोग विषबवन करते हैं. अच्छा दो के बाद फांसी दे दो. यानी हर चीज को राजनीति से जोड़ते हैं. मैं यही विषय उठाकर आया हूं कि ये वोट के सौदागर के कारण क्या भारत 2030 तक संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा है कि भारत के अंदर जो संसाधन है वहां दो भारत के संसाधन की जरूरत होगी. ठीक से जीने के लिए. मैं यही विषय उठा रहा हूं. क्या आपको नहीं लगता कि इस देश के अंदर बगल में मेरा देश है चाइना 1997 में कानून बनाया, और आज 60 करोड़ लोगों को रोका और अपने संसाधनों को बढ़ाकर दुनिया के ऊंचाई तक विकास को पहुंचा दिया. भारत 1 मिनट में 29 बच्चे और चाइना एक मिनट में 11 बच्चे मैं यहीं विषय तो रख रहा हूं अजीत जी.”

सवाल- गिरिराज सिंह आप कह रहे हैं कि आप इस बात को लेकर 2008 से चिंता कर रहे हैं, आप केंद्र में मंत्री हैं तो क्या सरकारी तंत्र भी इस जनसंख्या नियंत्रण करने में कोई ठोस कदम आगे बढ़ा रहा है या नहीं. सरकार इस दिशा में कुछ सोच रही है ये जानना चाह रहा हूं.

जवाब- देखिए मैं फिर कह रहा हूं, निवेदन कर रहा हूं, इस भारत के अंदर सब चीज सरकार के भरोसे नहीं होती. मैं यहीं चाहता हूं कि जनसंख्या कानून नियंत्रण पर गांव से लेकर शहरों तक इस चर्चा हो. और जब समाज की भागीदारी होगी तो वैसे कठमुल्लों की जुबान बंद होगी जो इसे धर्म से जोड़ते हैं. ये विकास के लिए बाधक हैं.

आगे गिरिराज सिंह ने बोला कि कई धर्म गुरुओं ने कहा कि बच्चे पैदा करने चाहिए. वो कठमुल्ले नहीं हैं क्या. आप इसे मुसलमान से क्यों जोड़ते हैं यानी ‘बकरिया करे पागुर तो डायन कहे कि हमारी ही चिंता करती है’. यही हाल है मुसलमान के धर्मगुरुओं का. हम तो इसमें दोनों को आड़े हाथों लेते हैं लेकिन कोई हिंदू धर्मगुरु ने तो नहीं हम पर प्रश्न उठाया. आज आप दिल्ली में मेट्रों का सफर करें तो लोग खड़े रहते हैं. लोगों को चढ़ना नहीं पड़ता भीड़ चढ़ा देती है उतार देती है. डब्बा बंद हो जाता है और उस डिब्बे में योगगुरु बाबा रामदेव हों या न हों लोग ठड़ेश्वरी योग आसन करते हुए एक के ऊपर एक खड़े रहते हैं. ये जनसंख्या का भार हर जगह दिख रहा है. ट्रेन में दिख रहा है, सड़क में दिख रहा है, पानी नहीं मिलेगा. संयुक्त राष्ट्र संघ थ्रेट किया है. अभी भी 9.7 प्रतिशत लोगों को शुद्ध पानी नहीं नसीब हो रहा है. मैं उन लोगों से कहना चाहता हूं कि जो कि बोलते हैं कि दो बच्चे होने पर फांसी हो जानी चाहिए.