चीन से बहते हुए किस रूट से अमेरिका पहुंचते हैं कचरे के सैकड़ों आईलैंड, जानें

डोनाल्‍ड ट्रंप ने अपने बयान में चीन के साथ भारत का भी नाम लिया है, लेकिन अमेरिकी रिसर्चर ही अब तक ये दावा करते हैं आए हैं कि जिन एशियाई देशों से कचरा बहकर लॉस एंजिल्‍स तक जा रहा है, उन टॉप-6 देशों में भारत का नाम नहीं है. ये देश हैं- चीन, इंडोनेशिया, फिलीपींस, वियतनाम, श्रीलंका और थाईलैंड.

नई दिल्‍ली: अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने क्‍लाइमेंट चेंज को लेकर चीन, भारत और रूस पर निशाना साधा है. ट्रंप ने कहा कि भारत और चीन जैसे देश अपने इंडस्ट्रियल प्‍लांट के कचरे को समुद्र में डाल रहे हैं, जो कि बहकर अमेरिका के लॉस एंजिल्‍स तक आ जाता है.

न्‍यूयॉर्क के इकनॉमिक क्‍लब को संबोधित करते हुए डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा, ‘मैं इस प्‍लेनेट पर क्‍लीन एयर और क्‍लीन वाटर चाहता हूं.’ अमेरिका ने पिछले सप्‍ताह ही यूनाइटेड नेशंस को आधिकारिक तौर से बताया कि वह 2015 में हुए पेरिस क्‍लाइमेट समझौते से खुद को अलग कर रहा है. 2015 में हुए इस क्‍लाइमेट चेंज समझौते के लिए 188 देश एक साथ आ गए थे. भारत ने भी इस समझौते पर हस्‍ताक्षर किए थे, जिससे कि पूरी दुनिया मिलकर क्‍लाइमेट चेंज की चुनौती से निपट सके.

अब वापस लौटते हैं डोनाल्‍ड ट्रंप के उस बयान पर जिसमें उन्‍होंने दावा किया कि भारत और चीन का कचरा बहकर लॉस एंजिल्‍स तक आ रहा है.

डोनाल्‍ड ट्रंप ने अपने बयान में चीन के साथ भारत का भी नाम लिया है, लेकिन अमेरिकी रिसर्चर ही अब तक ये दावा करते हैं आए हैं कि जिन एशियाई देशों से कचरा बहकर लॉस एंजिल्‍स तक जा रहा है, उन टॉप-6 देशों में भारत का नाम नहीं है. ये देश हैं- चीन, इंडोनेशिया, फिलीपींस, वियतनाम, श्रीलंका और थाईलैंड.

यह बात सही है कि समुद्र में दुनिया भर के देश कचरा फेंक रहे हैं, इसमें बड़ी मात्रा में प्‍लास्टिक वेस्‍ट होती है. साइंस एडवांस में प्रकाशित स्‍टडी की मानें तो खुद अमेरिका 242 मिलियन पाउंड प्‍लास्टिक वेस्‍ट समुद्र में फेंकता है.

ओशियन कंजरवेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, समुद्र में हर साल 8 से 12 मिलियन मीट्रिक टन प्‍लास्टिक वेस्‍ट डाल दी जाती है. ब्रिटिश रिसर्च फर्म यूनोमिया के अनुसार, समुद्र के तल में 8 बिलियन टन प्‍लास्टिक वेस्‍ट है.

एबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र में गारबेज पैच की जो सैटेलाइट इमेज सामने आई हैं, उन्‍हें देखकर ऐसा लगता है कि मानो कचरे आईलैंड समुद्र में तैर रहे हों.

एशियाई देशों में चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम सबसे ज्‍यादा प्‍लास्टिक वेस्‍ट समुद्र में डालते हैं, अकेला चीन 30 प्रतिशत से ज्‍यादा कचरा समुद्र में फेंकता है.

अब सवाल ये उठता है समुद्र में कचरा आता, कहां से हैं? समुद्र में आने वाले कचरे का दो तिहाई हिस्‍सा नदियों के साथ बहकर समुद्र में गिरता है. पूरी दुनिया में 20 ऐसी नदी हैं, जिनके साथ सबसे ज्‍यादा कचरा समुद्र में बहकर आता है. इन 20 में से 15 ऐसी नदियां एशिया में हैं.

चीन की यांगजी नदी को धरती पर सबसे ज्‍यादा प्रदूषित नदी बताया जाता है. इस नदी से कचरा बहकर ईस्‍ट चाइना सी में आता है और यहां से कचरा बहकर प्रशांत महासागर की तरफ बढ़ जाता है.

पश्चिमी देशों कई पर्यावरण से जुड़े संगठनों की रिपोर्ट में बार-बार प्रशंत महासागर गारबेज पैच का जिक्र आता है. यह इतना बड़ा है कि इसका साइज फ्रांस के क्षेत्रफल से तीन गुना बड़ा है. ऐसा लगता है मानो समुद्र में कचरे के आईलैंड तैर रहे हों.

अब प्रशांत महासागर से नॉर्थ अमेरिका का हिस्‍सा जुड़ा हुआ है, जबकि ईस्‍ट और साउथ अमेरिका अटलांटिक महासागर और आर्कटिक महासागर से घिरा हुआ है. ये तो आपने समझा कि प्रशांत महासागर के साथ अमेरिका का कौन सा हिस्‍सा जुड़ा है. अब समझते हैं ईस्‍ट चाइना सी से होते हुए कैसे कचरा अमेरिकी समुद्र तक पहुंच जाता है.

आसान शब्‍दों में कहें तो प्रशांत महासागर ही एशिया और अमेरिका को जोड़ता है. यही रास्‍ता कचरे के पहुंचने का भी रूट है. मतलब ईस्‍ट चाइना सी से होते हुए कचरा पहुंचता है प्रशांत महासागर में. अब यहां प्रशांत महासागर में जो गारबेज पैच है, वह दो हिस्‍सों में जाकर बंट जाता है.

पहला- वेस्‍टर्न पैसिफिक गार्बेज पैच और दूसरा- ईस्‍टर्न पैसिफिक गार्बेज पैच. ईस्‍टर्न गारबेज पैच हवाई से कैलिफोर्निया तक जाता है और वेस्‍टर्न गारबेज पैच पूर्वी जापान से हवाई के पश्चिमी तट तक है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ले एशियाई देशों के कचरे के लॉस एंजिल्‍स तक पहुंचने का जो जिक्र किया है, वह ईस्‍टर्न पैसिफिक गार्बेज पैच के जरिए कैलिफोर्निया तक पहुंचता है. लॉस एंजिल्‍स इसी अमेरिकी स्‍टेट का दूसरा सबसे ज्‍यादा आबादी वाला शहर है. हॉलीवुड मूवी इंडस्‍ट्री का गढ़ लॉज एंजिल्‍स ही है.