दो-तीन बच्चों से ज्यादा संतान पैदा करने वाले दंपति को फांसी दे देनी चाहिए- आजम खान

सपा नेता ने अपने बयान में कहा, "दो से ज्यादा बच्चे होने पर वोटिंग का अधिकार क्या खत्म करना, फांसी ही दे देनी चाहिए. इसके बाद अगला बच्चा होगा ही नहीं, क्योंकि इसके बाद न रहेगा बांस और न बजेगी बांसुरी." 

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता व सांसद आजम खां ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने गुरुवार को तंज कसते हुए कहा कि दो-तीन से ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले पति-पत्नी को फांसी दे देनी चाहिए.

सपा नेता ने अपने बयान में कहा, “दो से ज्यादा बच्चे होने पर वोटिंग का अधिकार क्या खत्म करना, फांसी ही दे देनी चाहिए. इसके बाद अगला बच्चा होगा ही नहीं, क्योंकि इसके बाद न रहेगा बांस और न बजेगी बांसुरी.”  सांसद आजम ने कहा कि देश में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. मौजूदा केंद्र सरकार के शासन से अंग्रेजों का शासन बेहतर था.

बेगूसराय के भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर कहा था कि देश में हिंदू-मुस्लिम दोनों के लिए दो बच्चों का नियम होना चाहिए और जो इस नियम को न माने, उसका मताधिकार खत्म कर दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा था कि आज जनसंख्या भारत के लिए बड़ी चेतावनी है और इससे संसाधन और सामाजिक समरसता को खतरा है.

गिरिराज ने कहा था कि जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए सख्त कानून की जरूरत है. भारत में वोट के ठेकेदारों ने जनसंख्या को धर्म से जोड़ दिया है. इस नियम को इस्लामिक देश स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन भारत में लोग इसे शरीयत और धर्म से जोड़ देते हैं, इसी कारण वोट के सौदागर खड़े हो जाते हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि जहां-जहां हिंदू की संख्या गिरती है, वहां-वहां सामाजिक समरसता टूट जाटी है. आज ओवैसी जैसे लोग सामाजिक समरसता में सबसे बड़े बाधक हैं.