OIC में सुषमा ने दिखाया पाकिस्तान को आईना, कहा- इस्लाम का संदेश शांति है

ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन यानी ओआईसी में भारत की ऐतिहासिक मौजूदगी आज दर्ज हो गई. पाकिस्तान के बायकाट के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने न सिर्फ इसमें शिरकत की, बल्कि आतंकवाद पर आईना भी दिखाया.

अबु धाबी: अपने भाषण की शुरुआत करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि- “मैं उस धरती से यहां आई हूं, जो सदियों से ज्ञान का स्रोत रहा है. हमारा देश शांति में भरोसा रखने वाला और अलग-अलग मतों में विश्वास करने वाला रहा है. ”

सुषमा ने ऋग्वेद का उदाहरण दिया और कहा कि इसमें साफ कहा गया है कि भगवान एक है.

भारतीय विदेश मंत्री ने आतंकवाद की चर्चा करते हुए कहा कि- “आतंकवाद से मुकाबला सिर्फ कूटनीति और बंदूकों से नहीं हो सकता, बल्कि धर्म के सही मायने समझाकर भी इससे लड़ा जा सकता है. इसलिए धर्म के जानकारों को सामने आना होगा और युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से बचाना होगा.” सुषमा ने कहा कि- “आतंकवाद और कट्टरवाद दोनों एक ही हैं. इस्लाम का संदेश शांति है. कुरान में कहा गया है कि धर्म की मजबूरी नहीं होनी चाहिए.

सुषमा ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है, भारत में हर धर्म, संस्कृति का सम्मान होता है. 2019 का साल हमारे लिए खास है, इस साल भारत महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है. OIC देशों से भारत के पुराने संबंध रहे हैं. हम में से कई ने एक ही समय में स्वतंत्रता और आशा की किरण को देखा, हम अपनी गरिमा और समानता की तलाश में एकजुटता के साथ खड़े हुए हैं.

हमारे देश में हिन्दू और मुसलमान सौहार्द के साथ रहते हैं. वे लोग बहुत कम हैं, जो कट्टरवाद के चंगुल में है. आतंकवाद केवल धर्म को खत्म करने का काम करता है. अल्लाह के 99 नाम हैं जिनमें किसी में भी हिंसा का जिक्र नहीं है.”

खास बात ये है कि ओआईसी की बैठक में भारत को बुलाने पर पाकिस्तान ने इसका बायकाट किया है. पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने सुषमा स्वराज के वहां आने पर आपत्ति जताई थी.