INX मीडिया मामला: आरोपी इंद्राणी मुखर्जी बनीं सरकारी गवाह

INX मीडिया केस में आरोपी इंद्राणी मुखर्जी सरकारी गवाह बन गई हैं, दिल्ली की रॉउज एवेन्यू की स्पेशल कोर्ट के सामने पेश होकर इंद्राणी मुखर्जी ने अपने बयान दर्ज करवाए.

नई दिल्ली: हाई प्रोफाइल INX मीडिया भ्रष्टाचार मामले में नया मोड़ आ गया है, मामले में आरोपी इंद्राणी मुखर्जी सरकारी गवाह बन गई हैं, दिल्ली की रॉउज एवेन्यू की स्पेशल कोर्ट के सामने पेश होकर इंद्राणी मुखर्जी ने अपने बयान दर्ज करवाए और कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वो इस मामले से जुड़े सभी तथ्य और सबूत जांच एजेंसी के सामने रख चुकीं हैं, इंद्राणी मुखर्जी ने कोर्ट को बताया कि वो अपनी मर्जी से बिना किसी दबाव के सरकारी गवाह बनी हैं और उन्होंने मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत अपना बयान दर्ज चुकी हैं.

कोर्ट में इंद्राणी मुखर्जी ने कहा कि उनका नाम इंद्राणी प्रतीम मुखर्जी के बजाय इंद्राणी मुखर्जी है. आपको बता दें कि इंद्राणी मुखर्जी ने खुद INX मीडिया केस में सरकारी गवाह बनने की मांग करते हुए दिल्ली की विशेष CBI कोर्ट में एक याचिका डाली थी. इंद्राणी मुखर्जी INX मीडिया की पूर्व निदेशक हैं.

विशेष अदालत ने 4 जुलाई को कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम से जुड़े INX मीडिया भ्रष्टाचार मामले में इन्द्राणी मुखर्जी को सरकारी गवाह बनने की अनुमति दे दी थी. विशेष जज अरुण भारद्वाज ने INX मीडिया मामले में अपनी मर्जी से सरकारी गवाह बनने को राजी हुई मुखर्जी को माफी दे दी थी, वह भी इस मामले में आरोपी थी.
इंद्राणी अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के सिलसिले में मुंबई की बाइकुला जेल में बंद है. इंद्राणी मुखर्जी को बायकुला जेल से दिल्ली कोर्ट में पेश किया गया.

क्या है मामला?
INX मीडिया मामले में सीबीआई ने 15 मई, 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी. INX मीडिया केस साल 2007 में INX मीडिया को मिले पैसों के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (FIPB) से मंजूरी मिलने से जुड़ा हुआ है. 305 करोड़ रुपये के इस हाई प्रोफाइल घोटाले में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेसी पी. चिदंबरम और उनके सांसद बेटे कार्ती चिदंबरम का भी नाम शामिल है. CBI और ED केस में जांच कर रही है कि कैसे पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को 2007 में FIPB से INX मीडिया के लिए मंजूरी मिल गई थी.

इस मामले में ED ने CBI की प्राथमिकी के आधार पर पिछले साल मनी लांड्रिंग एक्ट का एक मामला दर्ज किया है और आरोप लगाया है कि INX मीडिया को 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी धन हासिल करने में विदेश निवेश प्रोन्नति बोर्ड यानि FIPB की मंजूरी में अनियमितता की गई है. पी चिदंबरम उस दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री थे.

ED की अब तक की जांच से पता चला है कि FIPB की मंजूरी के लिए INX मीडिया के पीटर और इंद्राणी मुखर्जी ने कार्ति चिदंबरम के जरिए पी चिदंबरम से मुलाकात की थी. इस मामले में पी चिदंबरम को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिली हुई है, वहीं उनके बेटे कार्ति जमानत पर है. मामले की जांच में जुटी CBI का मानना है कि इंद्राणी मुखर्जी के सरकारी गवाह बन जाने से इस केस को मजबूती मिलेगी.