पढ़ें, नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पहली मुलाकात की कहानी

एक दूसरे की शक्ल भी ना देखने वाले नेता आज जिसकी वजह से कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं, वो कोई और नहीं बल्कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ही हैं.

नई दिल्‍ली: अमित शाह के बारे में कहा जाता है कि वह न तो आसानी से हार मानते हैं और न ही आसानी से हार भुला पाते हैं. बीजेपी के चाणक्‍य कहे जाने वाले राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अब नए सिरे से राजनीतिक बिसात बिछाने में लगे हैं.

मकसद सिर्फ एक है, ब्रैंड मोदी को चमकाना. दोनों का रिश्‍ता बड़ा पुराना है और बेहद मजबूत भी. यूं तो अमित शाह को कई बार सार्वजनिक मंचों पर नरेंद्र मोदी के पैर छूते भी देखा गया, लेकिन असल में वह बीजेपी में अपने ‘गुरु’ नरेंद्र मोदी के सीनियर हैं.

पहली मुलाकात की कहानी
नरेंद्र मोदी बेहद साधारण परिवार में पैदा हुए, जबकि अमित शाह गुजरात के बेहद संपन्न परिवार में जन्‍मे. दोनों की पृष्‍ठभूमि एकदम अलग है. यही कारण रहा कि युवा अवस्‍था में नरेंद्र मोदी हिमालय की ओर चले गए और अमित शाह शेयर ट्रेडिंग, प्लास्टिक पाइप बिजनेस में व्‍यस्‍त हो गए.

हालांकि, अमित शाह उस वक्‍त भी संघ से जुड़े थे, लेकिन इतने सक्रिय नहीं थे. अमित शाह और नरेंद्र मोदी की पहली मुलाकात अहमदाबाद में हुई थी. मोदी उस वक्‍त आरएसएस प्रचारक थे. उन दिनों अमित शाह कॉलेज में पढ़ते थे. तब उनकी उम्र 17 साल थी. दोनों बचपन से ही संघ की शाखाओं में जाया करते थे.

बीजेपी में हैं सीनियर 
अमित शाह 1983 में एबीवीपी के लीडर बने. इसके बाद 1986 में वह बीजेपी से जुड़ गए. एक वर्ष बाद यानी 1987 में नरेंद्र मोदी बीजेपी में आए. इससे पहले वह संघ में थे. इस लिहाज से देखें तो बीजेपी में अमित शाह अपने गुरु नरेंद्र मोदी से एक साल पहले बीजेपी में आ गए थे.