ममता सरकार के खिलाफ बीजेपी का विरोध प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं को रोकने के पुलिस ने किया लाठीचार्ज

कोलकाता पुलिस के तीन हजार पुलिसकर्मी मध्य कोलकाता के विभिन्न इलाकों में तैनात किए गए हैं.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार हिंसा और नेताओं की नृशंस हत्या के बाद बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) आज कोलकाता में विरोध प्रदर्शन कर रही है. बीजेपी कार्यकर्ता कोलकाता के लाल बाज़ार से होकर पुलिस हेडक्वार्टर तक पहुंचने वाले थे लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक लिया गया.

पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए उनपर लाठीचार्ज किया. इतने से भी जब उग्र भीड़ शांत नहीं हो रही थी तो उन्हें रोकने के लिए उनपर पानी की बौछार की गई, साथ ही आंसू के गोले भी छोड़े गए हैं.

इस दौरान पश्चिम बंगाल बीजेपी के बड़े नेता और सभी 18 सांसद भी मौजूद थे. बीजेपी ने दावा किया है कि लगभग 1 लाख़ कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं.

बुधवार को बीजेपी के मार्च को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.  कोलकाता पुलिस के तीन हजार पुलिसकर्मी मध्य कोलकाता के विभिन्न इलाकों में तैनात किए गए हैं.

फियर्स लेन, बेंटिंक स्ट्रीट और टी बोर्ड के पास विशेष सुरक्षा के इंतजाम किये गये हैं, लालबाजार के आसपास सभी क्रॉसिंग में डिप्टी कमिश्नर व असिस्टेंट कमिश्नर के नेतृत्व में पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात हैं, किसी भी तरह की अशांति फैलानेवालों को तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है.

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बीजेपी का आरोप है कि अब तक 84 लोगों की हत्या हुई है जबकि राज्य सरकार सिरे से ख़ारिज़ कर रही है. अब तक पश्चिम बंगाल में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस लोकसभा चुनाव के बाद जारी हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराती रही है.

इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य में फैली हिंसा में तृणमूल के 8 और बीजेपी के 2 कार्यकर्ता मारे गए. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि बीजेपी बंगाल को गुजरात बनाने की कोशिश कर रही है. मैं जेल जाने के लिए तैयार हूं लेकिन यह नहीं होने दूंगी.

उधर, बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने बंगाल की तृणमूल कांग्रेस की सरकार को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है. उन्होंने ममता सरकार को बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि बंगाल में बम और पिस्तौल, वहां के राजनीतिक दलों के प्रमुख हथियार हैं.

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