लोकसभा में देर रात तक चली चर्चा, स्‍पीकर ने करवाया सबके खाने और घर जाने का इंतजाम

गुरुवार को लोकसभा में रेल बजट पर चर्चा रात 11 बजकर 58 मिनट तक चली. लेकिन इस चर्चा में सिर्फ 100 सदस्यों ने ही हिस्सा लिया.

नई दिल्ली. लोकसभा में गुरुवार को रेलवे बजट पर चर्चा के चलते लोकसभा सदस्यों और अधिकारीयों को देर रात तक सदन में मौजूद रहना पड़ा. इस बात का अहसास था कि बहस आधी रात तक खिच सकती है. ऐसे में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने ये सुनिश्चित किया कि किसी के लिए खाना कम न पड़े और न ही किसी कर्मचारी या सदस्य को घर जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़े.

बता दें कि, गुरुवार को लोकसभा में रेल बजट पर चर्चा रात 11 बजकर 58 मिनट तक चली. लेकिन इस चर्चा में सिर्फ 100 सदस्यों ने ही हिस्सा लिया. ऐसा 18 साल बाद हुआ है कि रेल बजट पर चर्चा रात 12 बजे तक चली हो. 1996 में रेल बजट पर चर्चा 25 जुलाई की सुबह को शुरू हुई थी और 26 जुलाई को सुबह 7 बजकर 17 मिनट पर खत्म हुई थी. ये रेल बजट पर चर्चा के सबसे लम्बे समय तक चलने का रिकॉर्ड भी है.

अधिकारीयों ने बताया कि लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने अपने सेक्रेटेरियट से सदस्यों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के लिए पर्याप्त भोजन और पानी के साथ-साथ परिवहन की सुविधा की व्यवस्था करने के लिए पहले ही कह दिया था.

एक अधिकारी ने बताया, “हमें बताया गया था कि यदि कार्यवाही बहुत देर तक चलती है तो हम ऐप-आधारित टैक्सी, उबर या ओला से घर जा सकते हैं और बिल के पैसे बाद में रिफंड करा सकते हैं.” एक और अधिकारी ने बताया कि वह अपनी कार से आए थे, जिससे उन्हें वापस जाने में कोई देरी या दिक्कत न हो.

कुछ अधिकारीयों की ड्यूटी इस तरह से लगाईं गई थी कि वह गुरुवार को लोकसभा की कार्रवाई के अंत तक रुके रहें और शुक्रवार को देर से काम पर आएं. एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि, “हम में से कुछ 9 बजे के बाद घर जाएंगे. इसके बाद शुक्रवार की सुबह जल्दी आना भी होगा. मत भूलिए अगर गुरुवार को कार्रवाई देर रात तक भी चलती है तो भी शुक्रवार  को सदन सुबह 11 बजे फिर से शुरू होना है.”

सांसदों ने भी पार्टी के सहयोगियों के साथ ये तय कर लिया है कि कौन देर तक सदन में रुकेगा और कौन जल्दी. बीजू जनता दल के सांसद भर्तृहरि महताब ने बताया, “लगभग सभी सांसद इस बहस में भाग लेना पसंद करते हैं क्योंकि रेलवे हर क्षेत्र में परिवहन का एक प्रमुख साधन है. कई राय-निर्माताओं ने कहा है कि संसद को अधिक कार्य करना चाहिए. इसलिए हम सभी मिलकर सदन में अधिक समय तक मुख्य मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं.”

लोकसभा स्पीकर ने किया सुनिश्चित- कम न पड़े खाना 

अधिकारियों और कर्मचारियों में कोई भी रेल बजट पर बहस के लिए बढ़ाए गए समय के बारे में शिकायत नहीं कर रहा है. मंगलवार को आम बजट पर बहस के लिए 11.15 बजे तक सदन में बैठने पर कई कर्मचारियों को भोजन नहीं मिल पाने से कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था. अगले दिन, जब कांग्रेस के लोकसभा नेता अधीर रंजन चौधरी ने सदन में इस मुद्दे का उठाया तो बिड़ला ने कहा, “अब सब कुछ मिल जाएगा.”

एक अधिकारी ने जानकारी दी कि रेल मंत्री और लोकसभा स्पीकर बिड़ला ने संसद की कैंटीन को निर्देश दिए थे कि देर रात काम करने वालों के लिए खाने की कमी नहीं होनी चाहिए.

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