#NationalWarMemorial के उद्घाटन के बाद बोले मोदी- देश के लिए जियेंगे और देश के लिए ही मरेंगे

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने सेना और देश के साधनों के जरिये अपनी कमाई की.

नयी दिल्ली:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली में 40 एकड़ में फैले राष्ट्रीय समर स्मारक को देश को समर्पित कर दिया. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कई दशकों से राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की मांग हो रही थी, कुछ प्रयास हुए, लेकिन कोई ठोस काम नहीं हुआ. शहीदों के बलिदानों का जिक्र करते हुए मोदी ने कांग्रेस पर भी जमकर हल्ला बोला. कांग्रेस पर बरसते हुए मोदी ने कहा कि इसने देश के साथ खिलवाड़ किया है.

उन्होंने कहा कि सैनिकों के साथ पिछली सरकारों ने अन्याय किया क्योंकि उनके लिए सिर्फ एक परिवार ही मायने रखता था. कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा- ‘हमारी सरकार आने से पहले क्या हो रहा था, इसे दोहराना चाहता हूं. खुद को भारत का भाग्य विधाता समझने वालों ने सैनिकों और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने में कसर नहीं छोड़ी थी. 2009 में सेना ने बुलेट प्रूफ जैकेट की मांग की थी. लेकिन 2014 तक पांच साल में इन्हें नहीं खरीदा गया. हमने 2 लाख 30 हजार से ज्यादा जैकेट खरीदे. हमारे जवानों को सुरक्षा कवच से वंचित रखने का पाप किया गया.’

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि ‘उन लोगों ने सेना और सुरक्षा को कमाई का साधन बना लिया था. बोफोर्स और अन्य घोटालों का एक परिवार तक पहुंचना बहुत कुछ कहता है. जब राफेल उड़ान भरेगा तो इन्हें जवाब मिलेगा. राष्ट्रहित को नजरअंदाज करते हुए जो फैसले दशकों से रुके थे, वे हम पूरे कर रहे हैं.’ मोदी ने कहा कि अगले कुछ महीनों में जब राफेल उड़ान भरेगा तो विरोधियों की सारी साजिशें ध्वस्त हो जाएंगी.

पीएम मोदी ने कहा, ‘आजादी के बाद 70 सालों से इस मेमोरियल की मांग की जा रही थी. सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन लागू हो चुका है. सरकार इस सिलसिले में 35 हजार करोड़ रुपए वितरित कर चुकी है. मौजूदा सैनिकों की सैलरी में भी बढ़ोतरी हुई है. पूर्व सैनिकों को पेंशन के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया जा रहा है. जो सैनिक ड्यूटी के दौरान आपदा में जान गंवाते हैं, उनका परिवार भी पेंशन का हकदार होगा. देश का मनोबल सेना का मनोबल तय करता है.’

इसलिए ख़ास है स्मारक
– मेमोरियल 40 एकड़ में स्थित है. इस प्रोजेक्ट पर करीब 176 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.
– मेमोरियल की 16 दीवारों पर 25,942 शहीदों के नाम लिखे गए हैं.
– शहीद सैनिकों का नाम, रैंक और रेजिमेंट की भी जानकारी दी गई है.
– मेमोरियल में चार चक्र बनाए गए हैं. अमर चक्र, वीरता चक्र, त्याग चक्र और रक्षक चक्र.
– इस स्मारक की कुल लागत 176 करोड़ रुपये है.
– एक वैश्विक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से इसका डिजाइन चुना गया था.
– चक्रव्यूह की संरचना से प्रेरणा लेते हुए इसे बनाया गया है.
– इसमें चार वृत्ताकार परिसर होंगे और एक ऊंचा स्मृति स्तंभ भी है, जिसके तले में अखंड ज्योति दीप्तमान रहेगी.
– स्मारक में आजादी के बाद शहीद हुए 25,942 भारतीय सैनिकों के नाम इन पत्थरों पर लिखे गए हैं.
– सशस्त्र बलों के भविष्य के समारोहों के लिए भी यह स्मारक स्थल के रूप में काम करेगा.

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