, सदियों बाद दिखती है ऐसी तस्वीर, उफान पर ब्रह्मपुत्र नदी, नागशैय्या पर लेटे भगवान विष्णु
, सदियों बाद दिखती है ऐसी तस्वीर, उफान पर ब्रह्मपुत्र नदी, नागशैय्या पर लेटे भगवान विष्णु

सदियों बाद दिखती है ऐसी तस्वीर, उफान पर ब्रह्मपुत्र नदी, नागशैय्या पर लेटे भगवान विष्णु

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार प्रभावित जिलों में धेमाजी, लखीमपुर, बिस्वनाथ, नलबाड़ी, चिरांग, गोलाघाट, माजुली, जोरहाट, डिब्रूगढ़, नगांव, मोरीगांव, कोकराझार, बोंगाईगांव, बक्सा, सोनितपुर, दर्रांग और बारपेटा शामिल हैं.
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असम: रामानंद सागर की रामायण में आपने विष्णु भगवान संग माता लक्ष्मी को क्षीर सागर में खूब देखा होगा. लेकिन एक तस्वीर जोकि असम की राजधानी गुवाहटी से आ रही है. गुवाहटी से होकर बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी भारी वर्षा के बाद खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.

गुवाहाटी से होकर बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. नदी के उफान से कालीपुर में चक्रेश्वर मंदिर का नजारा कुछ ऐसा है. मानों लग रहा है कि भगवान विष्णु की मूर्ति क्षीर सागर में तैर रही हो. बाढ़ के कारण भगवान विष्णु की मूर्ति के पैरों तक पानी पहुंच गया है. राज्य के आधे से अधिक जिले ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों में आई बाढ़ के पानी में जलमग्न हैं. राज्य के 4.23 लाख लोग इससे प्रभावित हैं.

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार प्रभावित जिलों में धेमाजी, लखीमपुर, बिस्वनाथ, नलबाड़ी, चिरांग, गोलाघाट, माजुली, जोरहाट, डिब्रूगढ़, नगांव, मोरीगांव, कोकराझार, बोंगाईगांव, बक्सा, सोनितपुर, दर्रांग और बारपेटा शामिल हैं. बारपेटा में हालत गंभीर है जहां 85,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. वहीं, पूर्वोत्तर के असम में छह लोगों की मौत, तो अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में बारिश से संबंधित घटनाओं में दो-दो लोगों ने अपनी जान गंवाई है.

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