‘कोख में पल रहा मेरा बेटा लेगा पिता की शहादत का बदला’

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद रतन ठाकुर की पत्नी ने कहा है कि यदि सरकार आतंकियों से बदला नहीं लेती है तो मेरी कोख में पल रहा बच्चा जिसको दुनिया में आने से पहले ही उसके सिर से पिता का साया छीन लिया गया वह सैनिक बनकर बदला लेगा.

नई दिल्ली: 14 फरवरी को दोपहर 1.30 बजे रतन ( शहीद रतन कुमार ठाकुर ) ने अपनी गर्भवती पत्नी राजनंदिनी को फोन कॉल किया था. फोन पर रतन ने अपनी पत्नी से कहा, “ श्रीनगर जा रहे हैं, शाम को वहां पर पहुंच जाएंगे, फिर फोन करूंगा.” बस यही आखिरी बार राजनंदिनी और रतन के बीच बात हुई थी. उसके बाद फिर रतन ठाकुर की शहादत की खबर ही घर तक आई. जैसे ही गांव में रतन कुमार की शहीद होने की आई, पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया. बस रह रह कर रतन की पत्नी राजनंदिनी की रुलाई गांव का सन्नाटा चीर रही थी. राजनंदिनी बस एक ही राग बार-बार अलाप रही थी. सरकार को पाकिस्तानी आतंकियों से बदला लेना होगा. अगर सरकार आतंकियों से बदला नहीं लेती है तो मेरी कोख में पल रहा बच्चा सैनिक बनकर अपने पिता के हत्यारों से बदला जरूर लेगा.

“पापा ड्यूटी पर गए हैं – 4 साल का मासूम कृष्णा

 भागलपुर के कहलगांव के रतनपुर गांव के रहने वाले रतन का पूरा परिवार इन दिनों भागलपुर शहर के लोदीपुर मोहल्ले में किराए के मकान में रहता है. घर पर शहीद की पत्नी राजनंदिनी देवी और चार साल का बेटा कृष्णा है. बेटे कृष्णा को नहीं मालूम कि उसके पिता देश के लिए शहीद हो गए हैं. बेटे कृष्णा से कोई पूछता है तो मासूम कृष्णा कहता है कि पिता ड्यूटी पर गए हैं. पापा ने ही मुझे सबको आप कहना सिखाया है. पापा ने ढेर सारा खिलौना दिया है. गाड़ी है, बंदूक है. फिर अपने पापा की फोटो की तरफ इशारा करते हुए कहता है कि यही हैं मेरे पापा .

साल 2014 में हुई थी शादी

भागलपुर के कहलगांव के मूल निवासी शहीद रतन कुमार ठाकुर सीआरपीएफ की 45वीं बटालियन में तैनात थे. साल 2014 में रतन की शादी बांका जिले के बौंसी की रहने वाली राजनंदनी से हुई थी. उन्हें 4 साल का बेटा कृष्णा है. बेटा स्टेपिंग स्टोन किड्स प्ले स्कूल में पढ़ता है. राजनंदनी पांच माह की गर्भवती है. चार भाई बहनों में वे सबसे बड़े थे. रतन घर में एकलौते कमाने वाले थे.