महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा गलत, मेट्रो मैन श्रीधरन ने PM मोदी को लिखा पत्र

उन्होंने कहा इस कदम से दिल्ली मेट्रो अक्षम और कंगाल हो जाएगी. अगर दिल्ली सरकार महिला यात्रियों की मदद करना ही चाहती है तो उनके खातों में सीधा पैसा डाल दे.
, महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा गलत, मेट्रो मैन श्रीधरन ने PM मोदी को लिखा पत्र

नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो के पहले प्रबंध निदेशक ई श्रीधरन ने मेट्रो में महिलाओं को फ्री यात्रा सुविधा को नुकसानदायक बताया है. मुफ्त यात्रा की योजना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है. यात्रा की जगह सब्सिडी की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खाते में जमा करने का सुझाव दिया है.

10 जून को लिखी गई चिट्ठी में श्रीधरन ने पीएम मोदी से कहा है, ‘दिल्ली सरकार के प्रस्ताव पर सहमत न हों. जब मेट्रो शुरू हुई थी तब यह निर्णय लिया गया था कि किसी को भी यात्रा के लिए मेट्रो में रियायत नहीं दी जाएगी.

इस फैसले का स्वागत खुद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था और उन्होंने खुद टिकट लेकर दिसंबर 2002 में शाहदरा से कश्मीरी गेट तक पहली यात्रा की थी. दिल्ली मेट्रो केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार का जॉइंट वेंचर है. कोई एक हिस्सेदार समाज के किसी एक हिस्से को रियायत देने का एकतरफा निर्णय नहीं ले सकता है’.

‘अन्य शहरों में भी उठेगी ऐसी माँग’

श्रीधरन ने दलील दी कि सब्सिडी देने की परम्परा से मेट्रो प्रबंधन द्वारा विदेशी एजेंसियों से लिया गया क़र्ज़ अदा करना मुश्किल होगा. उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो की इस प्रतिबद्धता का पालन देश के अन्य शहरों की मेट्रो सेवा द्वारा भी किया जा रहा है. अगर दिल्ली में मुफ़्त यात्रा सेवा शुरू होगी तो ऐसी माँग अन्य शहरों में भी उठेगी. श्रीधरन ने सुझाव दिया कि सरकार अगर चाहे तो अन्य सरकारी योजनाओं की तरह इस सब्सिडी को भी डीबीटी पद्धति से लाभार्थी के खाते में सीधे पहुंचाए.

‘दिल्ली मेट्रो अक्षम और कंगाल हो जाएगी’

ई. श्रीधरन ने पत्र में लिखा है, ‘मेट्रो का अपना स्टाफ यहां तक कि मैनेजिंग डायरेक्टर भी जब यात्रा करते हैं तो टिकट खरीदते हैं. इस योजना को लागू करने में 1000 करोड़ रुपये सालाना का खर्चा आएगा और यह बढ़ता ही जाएगा, क्योंकि मेट्रो बढ़ेगी और किराए बढ़ेंगे. समाज के एक हिस्से को रियायत दी जाएगी तो बाद में दूसरे इससे भी रियायत देने की मांग करेंगे जैसे कि छात्र, विकलांग, वरिष्ठ नागरिक आदि. जो कि इस रियायत के ज़्यादा हकदार हैं. यह बीमारी देश की दूसरी मेट्रो में भी फैलती जाएगी. इस कदम से दिल्ली मेट्रो अक्षम और कंगाल हो जाएगी. अगर दिल्ली सरकार महिला यात्रियों की मदद करना ही चाहती है तो उनके खातों में सीधा पैसा डाल दे.

ये भी पढ़ें- महिलाओं को मुफ्त यात्रा के ‘केजरीवाल प्‍लान’ को DMRC ने चुनावी पटरी से उतारा

ये भी पढ़ें- केजरीवाल की महिलाओं के लिए फ्री मेट्रो यात्रा की सौगात यूं पड़ सकती है फीकी

Related Posts