#Dhonikeepthegloves: माही के ग्लव्स मामले पर मिल्खा सिंह ने ICC को लिखा लेटर तो कांग्रेस ने किया समर्थन

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को पूर्व कप्तान एम.एस. धोनी के दस्तानों से 'बलिदान बैज' हटाने के लिए कहे जाने के अगले दिन कांग्रेस शुक्रवार को पूर्व भारतीय कप्तान के समर्थन में उतर आई.
एम एस धोनी ग्लव्स, #Dhonikeepthegloves: माही के ग्लव्स मामले पर मिल्खा सिंह ने ICC को लिखा लेटर तो कांग्रेस ने किया समर्थन

लंदन: भारत बनाम साउथ अफ्रीका का पहला मैच द रोज बाउल स्टेडियम में खेला गया. विश्व कप में भारत का ये पहला मैच था और भारत ने जीत के साथ आगाज भी किया. इस मैच में धोनी ने अपने ग्लव्स में बलिदान बैज लगाया था. आईसीसी ने धोनी के ग्लव्स से बलिदान बैज हटाने के लिए कहा. बीसीसीआई और खेल मंत्रालय ने धोनी को पूरा समर्थन दिया है और कई खिलाड़ियों ने भी इसका समर्थन किया है. इस कड़ी में मिल्खा सिंह और कांग्रेस पार्टी का नाम भी जुड़ गया है.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को पूर्व कप्तान एम.एस. धोनी के दस्तानों से ‘बलिदान बैज’ हटाने के लिए कहे जाने के अगले दिन कांग्रेस शुक्रवार को पूर्व भारतीय कप्तान के समर्थन में उतर आई. पार्टी ने कहा है कि उनके दस्तानों पर मौजूद चिह्न् न तो राजनीतिक हैं और न ही धार्मिक.

कांग्रेस ने दिया समर्थन 
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने ‘धोनी कीप द ग्लव्स’ हैशटैग के साथ ट्वीट किया और कहा, “एम.एस. धोनी भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल हैं. इसके अलावा उनके पास विशेष बल की मानद उपाधि है. आईसीसी का नियम कहता है कि किसी भी प्रकार का राजनीतिक, धार्मिक या नस्लभेदी चिह्न् या संकेत प्लेयिंग आउटफिट के साथ जुड़ा नहीं होना चाहिए. चिह्न् इनमें से एक भी नहीं है.”

सुरक्षाबलों के लिए अपना प्यार दर्शाया
विश्व कप में भारत के पहले मैच के दौरान धोनी ने एकबार फिर सुरक्षाबलों के लिए अपने प्यार को दर्शाया. उनके विकेटकीपिंग दस्तानों में मैच के दौरान 40वें ओवर में एक विपक्षी बल्लेबाज को स्टम्प करने के दौरान भारतीय पारा विशेष बल के रेजीमेंटल चिह्न् को देखा गया था.

2011 में पैराशूट रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि मिली
धोनी को वर्ष 2011 में पैराशूट रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि मिली थी. धोनी ने 2015 में पैरा ब्रिगेड का प्रशिक्षण भी लिया था. यही नहीं इस मुद्दे पर देश की दिग्गज खेल हस्तियों ने धोनी का समर्थन किया है. पहलवान योगेश्वर दत्त ने कहा कि हमें धोनी पर गर्व है और उन्हें सेना के बलिदान बैज वाले दस्तानों को पहनना जारी रखना चाहिए. उनके अलावा पहलवान सुशील कुमार ने भी समर्थन किया है. हॉकी के पूर्व कप्तान सरदार सिंह ने भी धोनी का समर्थन किया है.

मिल्खा बोले, धोनी को किसी अनुमति की जरूरत नहीं
आर्मी ने धोनी को सम्मान दिया है. धोनी और मिल्खा सिंह का दुनिया में नाम है तो यह सेना की वजह से है. धोनी ने कोई गलत काम नहीं किया है. इस मुद्दे को बढ़ाना नहीं चाहिए. महेंद्र सिंह धोनी ने जो किया है, वह एकदम सही किया. इसके लिए किसी भी तरह की परमिशन की जरूरत है. सेना को सम्मान देकर उन्होंने अच्छा काम किया है. इसमें किसी तरह का राजनीतिक संदेश नहीं है.

बाइचुंग भूटिया बोले, नियमों का पालन जरूरी
भले ही कई दिग्गज खेल हस्तियों ने दस्तानों पर बैज के मामले में धोनी का समर्थन किया है, लेकिन फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया की राय इतर है. वह कहते हैं कि खेल के मैदान में रहते हुए प्लेयर को नियमों को सर्वाधिक महत्व देना चाहिए. उन्होंने कहा कि नियमों का पालन किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि आईसीसी कहता है कि इसे नहीं पहनना चाहिए तो फिर धोनी को इससे बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक प्लेयर के नाते एमएस धोनी को नियमों का सम्मान करना चाहिए.

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