हिंदी को क्षेत्रीय भाषाओं पर थोपने की बात कभी नहीं कही: अमित शाह

गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी मातृभाषा के अलावा दूसरी भाषा के तौर पर हिंदी सीखने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि वह खुद एक गैर हिंदी भाषी राज्य गुजरात से आते हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राष्ट्रभाषा पर दिए बयान के बाद देशभर में बहस छिड़ गई थी. इस बीच अमित शाह ने अपने बयान पर सफाई पेश करते हुए कहा कि उन्होंने हिंदी को क्षेत्रीय भाषाओं पर थोपने की बात कभी भी नहीं कही. गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी मातृभाषा के अलावा दूसरी भाषा के तौर पर हिंदी सीखने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि वह खुद एक गैर हिंदी भाषी राज्य गुजरात से आते हैं.

अमित शाह ने कहा कि कुछ लोग इस बात पर राजनीति कर रहे हैं और उन्हें राजनीति करना है तो वह करते रहें. मालूम हो कि गृह अमित शाह ने हिंदी दिवस के मौके पर हिंदी के जरिए पूरे देश को जोड़ने की अपली की थी. उन्होंने कहा था कि अलग-अलग भाषा और बोलियां हमारे देश की ताकत हैं. लेकिन हमें अब एक देश एक भाषा की जरूरत है.

इसी दौरान उन्होंने हिंदी को राष्ट्रीय भाषा बनाने की अपील भी की थी. हालांकि अमित शाह की इस अपील के खिलाफ विपक्षी दलों के साथ-साथ खुद बीजेपी के नेता भी खिलाफत भरी बातें करने लगे थे. कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने भी अप्रत्यक्ष रूप से अमित शाह की इस अपील को न कह दिया था. कई विपक्षी दलों ने भी गृह मंत्री की इस अपील को खारिज कर दिया था.

ये भी पढ़ें: ‘भारत में आतंकी चांद से नहीं आते’, कश्‍मीर पर यूरोपीय यूनियन की पाकिस्‍तान को फटकार