रेल-रोड-एयरपोर्ट कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर, गंगा के रास्ते चार गुना बढ़ जाएगी आवाजाही

एविएशन इंडस्ट्री का हब बनने के लिए सरकार हर संभव मदद करने जा रही है.

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान देश की कनेक्टिविटी पर काफी ज़ोर दिया है. केंद्र की मोदी सरकार ने रोड, रेल और एयरपोर्ट पर भारी निवेश करने का मन बनाया है. इतना ही नहीं आने वाले समय में गंगा के रास्ते परिवहन सुविधा को चार गुना बढ़ाने की भी बात कही गई है.

वित्त मंत्री ने कहा, ‘भारत को एक खरब की अर्थव्यवस्था बनने में 45 साल लग गए लेकिन सिर्फ पांच साल में हमारी अर्थव्यवस्था एक खरब से बढ़ कर तीन खरब की हो गई है. हम अगले पांच सालों में इसे बढ़ाकर पांच खरब तक पहुंचाएंगे.’

उन्होंने आगे कहा, ‘घरेलू और विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार कई प्रस्ताव कर रही है. हाल के समय में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए काफी काम किया गया है. पीएम ग्रामीण सड़क योजना, भारतमाला, उड़ान स्कीम, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर. भारतमाला से हाईवे नेटवर्क मजबूत होंगे. सागरमाला से पोर्ट लिंग बढ़ेगा. इससे बाहरी व्यापार बढ़ेगा.’

वहीं जलमार्ग में बढ़ोतरी के लक्ष्य पर फोकस करते हुए उन्होंने कहा, ‘जलमार्ग विकास से नेशनल वाटरवे बढ़ेगा. इनलैंड वाटर वे से बाकी माध्यमों पर भार घटेगा. कीमत भी कम होगी.’

उन्होंने आगे कहा, ‘फेज-1 भारतमाला के बाद दूसरे फेज का काम शुरू किया जाएगा. नदी मार्ग पर सरकार का फोकस है. इसे रेलवे से जोड़ा जाएगा. गंगा परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है. बनारस में टर्मिलन बन गया है. साहिबगंज और हल्दिया में अलग टर्मिनल बनाए जा रहे हैं. इसे 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा. इससे गंगा के रास्ते माल ढुलाई और पैसेंजर की आवाजाही चारगुणा बढ़ेगी. 2018 से 2030 तक 50 लाख करोड़ रूपए का खर्च आएगा.’

वित्त मंत्री ने एविएशन को लेकर कहा, ‘उड़ान स्कीम से हर कोई हवाई यात्रा कर सकेगा. एविएशन इंडस्ट्री का हब बनने के लिए सरकार हर संभव मदद करने जा रही है. मेनटेनेंस, ओवरहॉल और ऑपरेशन के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाएंगे.’

वहीं रेल सेवा को लेकर उन्होंने कहा, ‘300 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल नेटवर्क 2019 में बनेगा. 210 किलोमीटर लंबा नेटवर्क चालू हो गया है. 650 किलोमीटर मेट्रो रेल शुरू हो चुका है. मेट्रो, टोल हर जगह एक ही कार्ड से पेमेंट के लिए डिजिटल व्यवस्था की जा रही है. रूपे कार्ड से इसे लिंक किया जाएगा.’

निर्मला सीतारमण ने कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए इन सात माध्यमों पर ज़ोर दिया है.

1. PMGSY
2.Industrial corridors
3. Dedicated freight corridors
4. Bharatmala
5. Sagarmala
6. Jal Marg vikas
7. UDAN schemes

इन सब के अलावा इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद के लिए सरकार सब्सिडी देगी. इसे खरीदते समय डायरेक्ट पैसा खरीदार के खाते में जाएगा. इससे ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा.

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पब्लिक – प्राइवेट पार्टनरशिप के लिए रेलवे के कॉरिडोर बनाए जाएंगे. वन नेशन वन ग्रिड पर काम चल रहा है. इससे हर राज्य को सस्ती दर पर बिजली मिलेगी. गैस ग्रिड, वाटर ग्रिड और रीजनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव है.