12 करोड़ किसानों के खाते में आज से आएंगे 2-2 हजार, मोदी ने की किसान योजना की शुरुआत

चुनाव से पहले मोदी सरकार ने किसानों के खाते में पैसा जमा कराना शुरू कर दिया है. गोरखपुर पहुंचे मोदी ने कई उद्घाटन-शिलान्यास तो किए ही, साथ ही किसानों को खुश कर देनेवाली बड़ी योजना शुरू कर दी.

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में PM मोदी ने ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’की शुरूआत की. इसके तहत पीएम मोदी ने 2-2 हजार रुपये की पहली किस्त देश के 12 करोड़ किसानों को जारी की. पहली किश्त के तहत 31 मार्च तक किसानों के खाते में पैसे जमा होंगे जिसकी शुरूआत आज से हो चुकी है. कार्यक्रम की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने 1 लाख से अधिक किसानों को 2,000 रुपये की पहली किस्त जारी कर दी. BJP की योजना है कि लोकसभा चुनाव से पहले वह किसानों के घर-घर तक जाकर बता सके कि वह किसानों के लिए कितना फिक्रमंद है.

 

क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा बजट 2019 में हुई थी.इसके तहत 2 हेक्टेयर तक जमीन रखने वाले किसानों को फायदा मिलेगा.इस स्कीम का फायदा 12 दिसंबर, 2018 के हिसाब से दिया जाएगा.इसके तहत किसानों को साल में कुल 6,000 रुपये मिलेंगे और पैसों को सीधे किसान के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा.यूपी और कर्नाटक सहित 14 राज्यों के करोड़ों किसानों के अकाउंट में राशि भेजी जाएगी. 28 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश के अन्य करोड़ों लाभार्थियों को पहली किश्त अगले 2-3 दिनों में मिल जाएगी. मंत्रालय ने कहा कि राशि सीधे लाभार्थी किसानों के खातों में डाली जाएगी. यह योजना दिसंबर 2018 से लागू है, इसलिए 31 मार्च से पहले 2000 रुपये की पहली किस्त किसानों के अकाउंट में आ जाएगी. केंद्र सरकार का दावा है कि इससे 12करोड़ किसानों को लाभ होगा. इस योजना पर सरकार 75 हज़ार करोड़ रुपए खर्च कर रही है. इसका लाभ उन किसानों को मिलेगा जिनका नाम 2015-16 की कृषि जनगणना में आता है. सरकार ने पिछले साल इसे जारी किया था.

 

पहली किस्त के लिए आधार जरूरी नहीं

पीएम किसान स्कीम के तहत पांच एकड़ से कम कृषि योग्य भूमि वाले छोटे एवं सीमांत किसानों को तीन किस्तों में सालाना 6,000 रु. देने का ऐलान किया गया है. खबरें आ रही हैं कि केंद्र सरकार आम चुनाव से पहले किसानों को एक या दो किस्त जारी कर देना चाहती है. इसके लिए राज्यों से कहा गया है कि 2,000 रु. की पहली किस्त लेने के लिए किसानों को आधार देने की अनिवार्यता नहीं रहेगी. हालांकि, 31 मार्च के बाद से जारी होने वाली किस्तों के लिए आधार नंबर देना जरूरी होगा

 

2020 तक शुरू होगी खाद फैक्ट्री

वहीं गोरखपुर में 1990-91 में बंद हुई फैक्ट्री भी अब 2020 तक शुरू हो जाएगी.इस फैक्ट्री के बंद होने से किसानों को तो नुकसान हुआ ही, फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर बेरोजगार हो गए थे. इसके बाद से यह फैक्ट्री पूर्वांचल की सियासत के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गई थी.

 

युवाओं और किसानों को फायदा

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कि यह खाद फैक्ट्री 2020 तक शुरू हो जाएगी. इसके बाद यहां से खाद का उत्पादन शुरू हो जाएगा. फैक्ट्री शुरू होने से युवाओं को रोजगार मिलने के साथ खाद उत्पादन के जरिए किसानों को भी सीधा फायदा होगा. दरअसल, गोरखपुर और आसपास के किसान छोटी जोत के हैं. अभी तक वह धान और गेंहू की फसल पर ज्यादा केंद्रित हैं. उपजाऊ जमीन और पानी की उपलब्धता के बावजूद उन्हें फसल का ज्यादा फायदा नहीं मिल पाता है. प्रधानमंत्री उन्हें बताएंगे कि कैसे सरकार ने उनके लिए योजनाएं शुरू की हैं, जो उन्हें सीधा फायदा देंगी. केंद्र सरकार ने कृषि दूरदर्शन के साथ ऑनलाइन और टेलिफोन सहायता शुरू की है, जिसके जरिए वह मौसम और मिट्टी के अनुसार फसलों में बदलाव कर सकते हैं.

 

गोरखपुर से हल्दिया के बीच बिछेगी रसोई गैस पाइपलाइन

रसोई गैस उपभोक्ताओं के साथ ही तीनों ऑइल कंपनियों को एलपीजी की किल्लत अगले तीन साल में दूर होगी.इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर स्थित इंडियन ऑइल के बॉटलिंग प्लांट से हल्दिया (पश्चिम बंगाल) तक के बीच बिछाई जाने वाली एलपीजी पाइप लाइन का शिलान्यास किया. पूर्वांचल के लिए यह बड़ी सौगात होगी. इस पाइप लाइन का कार्य शुरू होने के साथ ही हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा.खासकर पूर्वांचल के लोगों को काफी फायदा होगा.इस कार्य को साल 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

गोरखपुर में इन योजनाओं का लोकार्पण:

-बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर के सुपर स्पेशिऐलिटी हॉस्पिटल का उच्चीकरण कार्य

-गोरखपुर कैंट-कप्तानगंज, वाल्मीकि नगर खंड का विद्युतीकरण

-ए.सी. इलेक्ट्रिक लोको शेड का निर्माण

-दुग्ध संघ गोरखपुर परिसर में एक लाख रोजाना क्षमता की पूर्ण स्वचालित डेयरी

-रोहिन नदी पर डोमिनगढ़ गाहासाड मार्ग के डोमिनगढ़ घाट पर पुल और पुल के पहुंचने का मार्ग, अतिरिक्त पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक निर्माण कार्य

-एम्स के आयुष भवन में ओपीडी का संचालन

-एम्स परिसर में 33/11 केवी विद्युत उपकरण क्षमता 2*10 एमवीए का निर्माण

-बीआरडी कॉलेज में 100 क्षमता वाले पीजी गर्ल्स छात्रावास का निर्माण

-रामगढ़ताल परियोजना के अंतर्गत सर्किट हाउस के निकट पार्क का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य

-बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 50 क्षमता वाले पीजी मैरीड छात्रावास का निर्माण

 

शिलान्यास:

-कांडला से गोरखपुर एलपीजी पाइप लाइन का निर्माण

-सोनौली-गोरखपुर मार्ग के किमी 81.420 (जंगल कौड़िया) से किमी 98.945 (मोहद्दीपुर चौराहा) तक 4 लेन सी.सी रोड का निर्माण कार्य

-राप्ती नगर विस्तार आवासीय योजना में 4 मंजिले सेमी फिनिश्ड अफोर्डबल (जी+3) 480 एलआईजी भवणों का निर्माण कार्य

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *