शी जिनपिंग से मिले PM मोदी, कहा-बातचीत से पहले आतंक के खिलाफ एक्‍शन ले पाकिस्तान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा था कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO ) की बैठक में वैश्विक सुरक्षा स्थिति और आर्थिक सहयोग पर मुख्य जोर रहेगा.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बिश्केक में जारी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट से हटकर मुलाकात की. पीएम मोदी SCO समिट के लिए किर्गिस्तान के बिश्केक पहुंचे हैं. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ पाकिस्तान और आतंकवाद को लेकर भी चर्चा हुई. पीएम मोदी ने जिनपिंग को इस साल अनौपचारिक मुलाकात के लिए भारत आने का न्योता दिया.

पाकिस्तान पर संक्षिप्त चर्चा हुई

गोखले ने बताया, ‘पीएम मोदी ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच बेहतर हो रहे संबंधों का ही नतीजा है कि लंबे समय से पेंडिंग पड़े मुद्दों को सुलझा लिया गया है. इनमें बैंक ऑफ चाइना की भारत में ब्रांच खोलने और मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी लिस्ट में शामिल करने के मुद्दे प्रमुख हैं.’ उन्होंने बताया कि चीन से पाकिस्तान पर संक्षिप्त चर्चा हुई. प्रधानमंत्री ने दोहराया कि पाकिस्तान को चाहिए कि वो आतंक रहित माहौल बनाए. फिलहाल हम ऐसा कुछ भी होते नहीं देख रहे हैं. हम चाहते हैं कि अब वह कोई ठोस कदम उठाए.

वुहान समिट की सफलता पर सहमत

दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत की जानकारी देते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग विशेष तौर पर इसके लिए सहमत हुए हैं कि दोनों देशों को इन संबंधों से और बेहतर उम्मीदें हैं. दोनों नेता वुहान समिट की सफलता को लेकर भी सहमत हुए. इस दौरान पीएम मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद थे.

PMO ने किया ट्वीट

प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से आए एक ट्वीट में कहा गया, ‘चीन के साथ संबंध और गहरे हो रहे हैं. SCO समिट के इतर पीएम मोदी की पहल मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ हुई. दोनों नेताओं ने संबंधों को और मजबूत बनाने पर बात की.’

इसके अलावा खुद पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘राष्ट्रपति शी के साथ एक बेहद सफल मुलाकात हुई. हमारी बातचीत में भारत-चीन संबंधों पर गंभीर चर्चा हुई. दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के प्रयास किए जाएंगे.’

वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा था कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO ) की बैठक में वैश्विक सुरक्षा स्थिति और आर्थिक सहयोग पर मुख्य जोर रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि किर्गिस्तान की उनकी यात्रा SCO के सदस्य देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करेगी. मोदी एससीओ सम्मेलन के बाद किर्गिस्तान के राष्ट्रपति के आमंत्रण पर 14 तारीख को वहां की आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा पर रहेंगे.

मोदी ने कहा कि हाल ही में भारत-किर्गिस्तान के बीच रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और निवेश सहित कई द्विपक्षीय क्षेत्रों में समझौते हुए. इससे दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत हुए. मोदी यहां किर्गिज राष्ट्रपति जीनबेकोव के साथ भारत-किर्गिज बिजनेस फोरम को भी संबोधित करेंगे.

2001 में बना था शंघाई सहयोग संगठन

एससीओ एक राजनीतिक और सुरक्षा समूह है. इसका हेडक्वार्टर बीजिंग में है. यह 2001 में बनाया गया था. चीन, रूस, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान इसके स्थाई सदस्य हैं. यह संगठन खासतौर पर सदस्य देशों के बीच सैन्य और आर्थिक सहयोग के लिए बनाया गया है. इसमें खुफिया जानकारियों को साझा करना और मध्य एशिया में आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलाना शामिल है. भारत और पाकिस्तान इस संगठन से 2017 में स्थाई सदस्य के तौर पर जुड़े थे.