“पीएम मोदी का हेलिकॉप्टर सर्च करने वाले अधिकारी को मिले प्रमोशन” देखें VIDEO

राज्यसभा के विपक्षी नेता गुलाम नबी आजाद से शुक्रवार को TV9 भारतवर्ष की संवाददाता सुप्रिया भारद्वाज ने बात की. उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए.
gulam nabi ajad, “पीएम मोदी का हेलिकॉप्टर सर्च करने वाले अधिकारी को मिले प्रमोशन” देखें VIDEO



नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चॉपर की तलाशी लेने पर निलंबित किए गए आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन के मामले के बाद पूर्व चुनाव आयुक्त डॉ. एस. वाई. कुरैशी ने एक बड़ी बात कही थी. कुरैशी ने कहा था कि पीएम के चॉपर की तलाशी करने पर  मुस्लिम आईएएस अधिकारी  मोहम्मद मोहसिन के निलंबन के बाद  पीएम मोदी और चुनाव आयोग ने छवि सुधारने का बड़ा मौका गंवा दिया है.

इसी मामले में राज्यसभा के विपक्षी नेता गुलाम नबी आजाद से शुक्रवार को TV9 भारतवर्ष की संवाददाता सुप्रिया भारद्वाज ने बात की. उन्होंने प्रधानमंत्री के चॉपर को सर्च करने वाले ऑफिसर के इलेक्शन कमीशन द्वारा निलंबित किए जाने वाले सवाल पर कहा कि, ”हेलीकॉप्टर सर्च करने वाले ऑफिसर को सस्पेंड करने की बजाय प्रमोशन करना चाहिए था” आगे उन्होंने कहा कि,

” मैं चीफ इलेक्शन कमिश्नर मिस्टर कुरैशी से बराबर सहमत हूं कि उन्होंने जो लिखा है कि प्राइम मिनिस्टर और इलेक्शन कमीशन दोनो को अपनी निष्पक्षता को सिद्ध करने के लिए उनको मौका था अपॉरच्युनिटी थी उसको खो दिया. प्राइम मिनिस्टर को खुद कहना चाहिए था कि मेरे हेलिकॉप्टर की तलाशी लिया करो बहुत बड़ा जहाज है.”

”क्योंकि पिछले कुछ दिनों पहले आया था कि एक बहुत बड़ा काला बक्सा उनके जहाज में जा रहा था. तो उसके बाद प्राइम मिनिस्टर को खुद कहना चाहिए था इलेक्शन कमीशन को कि मेरे जाने से पहले हमारे जहाज में जितना सामान जाता है उसकी तलाशी लिया करो.”

”ऑफिसर को सस्पेंड करने की बजाय प्रमोशन करना चाहिए था कि. ये ऐसा अप राइट ऑफिसर है जो अपनी निष्पक्षता दिखाने के लिए प्राइम मिनिस्टर को भी नहीं छोड़ता . तो प्राइम मिनिस्टर और इलेक्शन कमीशन को ये सोचना चाहिए कि कानून के सामने सब बराबर है.”

”इलेक्शन कोड ऑफ कंडक्ट के सामने सब बराबर है चाहे वह कोई भी हो या प्राइम मिनिस्टर हो. ये प्राइम मिनिस्टर सबसे ज्यादा कोड ऑफ कंडक्ट तो मानते ही नहीं है. तो इसलिए ये तो स्कैनर में रहते हैं. तो मुझे बहुत ही अफसोस है कि इलेक्शन कमीशन को जो निष्पक्षता दिखानी चाहिए था वो नहीं दिखा रहा.’

बता दें कि इस मामले में पूर्व चुनाव आयुक्त डॉ. एस. वाई. कुरैशी ने एक लेटर में लिखा था, जिसका स्क्रीनशॉट उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया था.

कुरैशी ने लिखा था, “आईएएस अधिकारी का निलंबन, जो कि ओडिशा में चुनाव निरीक्षण पर था, पीएम नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर की जांच करने पर उसे निलंबित कर दिया गया. यह केवल दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं है बल्कि इससे चुनाव आयोग और पीएम ने एक अच्छा मौका गंवा दिया है. ये दोनों  ही संस्थाएं लोगों की नजरों में हैं. पीएम बार-बार आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं और चुनाव आयोग बार-बार इसकी अनदेखी कर रहा है. पीएम के चॉपर की इस जांच का उपयोग ये दिखाने के लिए किया जाना चाहिए था कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं. “

इसी के साथ कुरैशी ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की तारीफ भी की, जिन्होंने जांच अधिकारियों को बिना किसी विरोध के अपने चॉपर की तलाशी करने दी. कुरैशी ने कहा कि “यह आचरण हमारे राजनेताओं में होना चाहिए. मिस्टर पटनायक आपको सलाम.”

वहीं चुनाव के दौरान कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी और बीजेपी नेता बीएस येदयूरप्पा के भी चॉपर की तलाशी ली गई थी और इन दोनों नेताओं ने भी बिना किसी विरोध के अपने चॉपर की तलाशी होने दी.

आपको बता दें कि 16 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) के हेलिकॅाप्टर की तलाशी लेने के मामले में चुनाव आयोग ने 1996 बैच के IAS अधिकारी मोहम्मद मोहसिन को निलंबित कर दिया गया था. चुनाव आयोग (EC) ने ‘एसपीजी सुरक्षा’ के चुनाव आयोग के निर्देशों के उलट काम करने के लिए उन्हें निलंबित किया था.

कौन हैं मोहम्मद मोहसिन?

  • मोहम्मद मोहसिन का जन्म साल 1969 में हुआ और वह पटना के निवासी हैं.
  • मोहसिन ने पटना युनिवर्सिटी से एम कॉम की पढ़ाई की है.
  • मोहसिन, साल 1994 में दिल्ली में UPSC की तैयारी के लिए आए. पहली बार में उन्हें सफलता नहीं मिली.
  • बाद में वो UPSC परीक्षा में सफल रहे. लेकिन नंबर कम आने के कारण वह IAS नहीं बन सके. मोहसिन 1996 के बैच में IAS अधिकारी बने.
  • मोहसिन ने अपनी पढ़ाई उर्दू स्टडीज में की थी.
  • मोहम्मद मोहसिन कर्नाटक कैडर के IAS हैं और कर्नाटक सरकार में वो सोशल वेलफेयर विभाग के सचिव हैं.
  • वह कर्नाटक सरकार के शिक्षा और अन्य विभागों में अधिकारी रह चुके हैं. साथ ही वह कई अन्य प्रशासनिक पदों पर रह चुके हैं.
  • करियर के शुरुआत में वह SDM थे. बाद में वह जिला पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में डिप्टी कमिश्नर जैसे कई पदों पर रहे.

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