खालिस्तान समर्थक ‘सिख फॉर जस्टिस’ संगठन पर भारत सरकार ने लगाया बैन

सिख फार जस्टिस संगठन को भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी करार दिया है. ये फैसला सरकार ने कई सिख संगठनों की राय के बाद लिया है.

नई दिल्ली: भारत ने खालिस्तान समर्थक सिख फॉर जस्टिस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया है. न्यू यार्क स्थित सिख फार जस्टिस संगठन अवैध तरीके से अपनी गतिविधियां चला रहा है जिससे पंजाब में हालात बिगड़ रहे हैं.  अलगाववाद एजेंडे के चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया है.

सिख फार जस्टिस संगठन को भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी करार दिया है. ये फैसला सरकार ने कई सिख संगठनों की राय के बाद लिया है. ये संगठन आनलाइन कैंपेन चला रहा था. खालिस्तान संगठन को जिंदा और पंजाब में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा था. अब तक 11 मामले इस संगठन पर भारतीय एजेंसियों के द्वारा दर्ज हैं.

पिछले तीन साल से ये संगठन सक्रिय है और दावा करता है कि दो लाख आनलाइन सपोर्टर हैं इसके, लेकिन सरकार को जानकारी है कि 8-10 इसके मुख्य कार्यकर्ता हैं जिनकी पहचान कर ली गई है. हरदीप सिंह निजर और परमजीत सिंह पम्मा न्यू यार्क स्थित इस संगठन के मुख्य कार्यकर्ता हैं.

इस संगठन की गतिविधियां वहां ज्यादा हैं जहां सिख आबादी ज्यादा है. सरकार को ये जानकारी मिली है कि इस संगठन ने पुलवामा हमले को आतंकी घटना नहीं कहा था. जिन देशों में ये संगठन अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था है वो हैं यूके, कैनेडा, यूएसए, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया है. करतारपुर कारीडोर के जरिए ये संगठन अपनी गतिविधियां चलाने की कोशिश कर रहा था. इनके कई सोशल मीडिया हैंडल भी ब्लॉक किए गए हैं

परमजीत सिंह पम्मा जो कि इस संगठन का अहम कार्यकर्ता है वह भारत-इंग्लैंड मैच (30 जून) को खालिस्तान की समर्थित टीशर्ट पहनकर वहां गया था और खालिस्तान समर्थन नारे लगाए थे. सरकार के मुताबिक इस संगठन ने रेफरेंडम ट्वेंटी-ट्वेंटी के लिए पाकिस्तान की मदद मांगी थी. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिख फॉर जस्टिस को बैन करने पर भारत सरकार के फैसले का स्वागत किया है.

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने खालिस्तान समर्थक समूह ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) पर प्रतिबंध लगाये जाने संबंधी केन्द्र सरकार के निर्णय का बुधवार को स्वागत किया और कहा कि इसे ‘‘आतंकवादी संगठन’’ के रूप में देखा जाना चाहिए. सिंह ने इस फैसले को आईएसआई समर्थित संगठन के ‘‘भारत-विरोधी या अलगाववादी ताकतों’’ से देश की रक्षा करने की तरफ पहला कदम बताया

सिंह ने एक बयान में कहा, ‘‘इस संगठन को आतंकवादी संगठन के रूप में देखा जाना चाहिए और भारत सरकार ने एसएफजे के खिलाफ लंबे समय से अपेक्षित रूख अपनाया है, जिसने हाल के वर्षों में पंजाब में आतंक की लहर फैला दी थी.’’ हालांकि, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में एसएफजे और उससे जुड़े लोगों या गुर्गों पर आक्रामक तरीके से कार्रवाई करने के लिए और अधिक सक्रिय कदम उठाने होंगे.’’