शाहिद अफरीदी के सबसे तेज़ शतक में मास्टर ब्लास्टर तेंदुलकर का क्या था योगदान, जानिए

ये तो सभी जानते हैं कि अब तक सबसे तेज़ सेंचुरी लगाने का खिताब एक वक्त शाहिद अफरीदी के नाम रह चुका है लेकिन उनके इस रिकॉर्ड में सचिन का क्या योगदान रहा आज ये भी जान लीजिए.

नब्बे के दशक में अपने बचपन जी रही पीढ़ी को आज तक शाहिद अफरीदी का वो तूफानी शतक याद है जो उन्होंने 37 गेंदों में जड़ा था. वो साल 1996 था. सामने टीम श्रीलंका थी. उस वक्त शाहिद अफरीदी की उम्र 16 साल बताई जाती थी. अब उस शतक से जुड़े कई किस्से सामने आने लगे हैं. शाहिद अफरीदी की किताब गेम चेंजर में कई दिलचस्प बातें लिखी गई हैं. उन्हीं में से एक हम आपको बता रहे हैं.

खुद शाहिद अफरीदी ने बताया कि उन्होंने जो शतक जड़ा था वो किसी और के नहीं बल्कि सचिन तेंदुलकर के बल्ले से जड़ा था. अफरीदी ने इस पर जो किस्सा लिखा वो कुछ यूं था- सचिन तेंदुलकर ने वकार यूनुस को अपना बल्ला दिया था कि वो सियालकोट में उस जैसा ही एक बल्ला और बनवा दें, लेकिन वकार ने सियालकोट ले जाने से पहले वो बल्ला मुझे दिया और मैंने उससे बल्लेबाज़ी की. नैरोबी में जो पहला शतक मैंने जड़ा, वो सचिन के बल्ले से बनाया.

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शाहिद अफरीदी ने उस मैच में 40 गेंदों पर 104 रन बनाए थे. इस पारी में 11 छक्के और 6 चौक्के शामिल थे. उनका स्ट्राइक रेट 255 के करीब रहा. वो इंटरनेशल मैच में पहली बार बल्लेबाज़ी कर रहे थे. इससे पहले वो केन्या के खिलाफ भी मैच खेल चुके थे लेकिन उन्हें बल्लेबाज़ी का मौका नहीं मिला था.

शाहिद अफरीदी की इसी किताब में एक और मज़ेदार किस्सा है.

अफरीदी ने जिस दिन सबसे तेज़ सैकड़ा जड़ा उसके पिछली रात सपना देखा था. उन्होंने देखा कि वो सनथ जयसूर्या और मुरलीधरन की गेंदों पर छक्के लगा रहे थे. अफरीदी ने अपना सपना शादाब कबीर को बताया. शादाब पाकिस्तान के लिए मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाज़ी करते थे.