धोनी को 7वें नंबर पर बैटिंग करने का फैसला किसका था, कोच रवि शास्त्री ने किया खुलासा

इसके अलावा रवि शास्त्री ने टीम के सभी खिलाड़ियों से हार के बाद कहा कि ''खुद पर गर्व करो और बाहर उठे हुए सिर के साथ जाओ.

लंदन: 2019 क्रिकेट विश्वकप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने भारत को 18 रनों से हरा दिया. इस हार के साथ भारतीय टीम का विश्व विजय होने का सपना टूट गया है. टीम इंडिया की इस हार के बाद भारतीय क्रिकेट फैंस और जानकार सभी ने इस बात पर सवाल उठाए कि आखिर क्यों इस मुश्किल परिस्थिति में भी धोनी को नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा गया.

टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने विश्वकप से विदाई के बाद इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा है कि धोनी को नीचे भेजना का फैसला टीम का था.

रवि शास्त्री ने कहा, ”ये टीम का फैसला था, सभी इस फैसले के साथ थे और ये साधारण सा फैसला था. आप लोग ये चाहते थे कि धोनी जल्दी बल्लेबाजी के लिए आएं और फिर अगर वो जल्दी आउट हो जाते तो फिर लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो जाता. हमें आखिर में उनके अनुभव की जरूरत थी. वो टीम के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर हैं और अगर हम उनका इस तरह से इस्तेमाल नहीं करते तो फिर ये पाप होता. पूरी टीम इस बारे में स्पष्ट थी.”

मुख्य कोच रवि शास्त्री ने ऋषभ पंत की बल्लेबाज़ी का भी बचाव किया. रवि शास्त्री ने कहा, ”पंत जब बल्लेबाजी के लिए गए तो वो अच्छी तरह खेल रहे थे. खासकर न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट के खिलाफ भी. लेकिन अगर वो नॉट-आउट लौटते तो शायद आप लोग ऐसा कहते. लेकिन टीम ने जिस तरह से विकेटों के गिरने के बाद भी फाइट दिखाई मैं उससे खुश हूं.”

इसके अलावा रवि शास्त्री ने टीम के सभी खिलाड़ियों से हार के बाद कहा कि ”खुद पर गर्व करो और बाहर उठे हुए सिर के साथ जाओ. वो खराब 30 मिनट आपसे ये सच नहीं छीन सकते कि पिछले कुछ सालों में तुम एक सर्वश्रेष्ठ टीम हो. ये बात तुम सभी लोग जानते हैं. कोई एक टूर्नामेंट, एक सीरीज़ और 30 मिनट का खेल ये तय नहीं कर सकता. तुम लोगों ने ये इज्ज़त कमाई है. बिल्कुल हम सभी इससे दुखी और निराश हैं. लेकिन आखिर आपको उस पर गर्व करना चाहिए जो आपने पिछले 2 सालों में कमाया है.”