त्योहारों के बीच आसमान पर महंगाई, 7 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची थोक महंगाई दर

थोक मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति की वार्षिक दर सितंबर में बढ़कर 1.32 प्रतिशत हो गई जो अगस्त में 0.16 प्रतिशत थी. साल-दर-साल के आधार पर, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई ) डेटा पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान के मुकाबले केवल 0.33 प्रतिशत बढ़ा है.

खाद्य पदार्थ की ऊंची कीमतों, प्राइमरी आर्टिकल्स और निर्मित वस्तुओं की ज्यादा कीमतों ने भारत की सितंबर थोक मुद्रास्फीति (डब्ल्यूपीआई) को तेज कर दिया है. जिसके चलते  थोक मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति की वार्षिक दर सितंबर में बढ़कर 1.32 प्रतिशत हो गई जो अगस्त में 0.16 प्रतिशत थी. साल-दर-साल के आधार पर, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई ) डेटा पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान के मुकाबले केवल 0.33 प्रतिशत बढ़ा है.

खुदरा महंगाई दर में भी इजाफा

भारत की अनुक्रमिक खुदरा मूल्य मुद्रास्फीति में अगस्त की तुलना में सितंबर में बढ़ोतरी हुई है. अगस्त में खुदरा महंगाई दर के आंकड़ें 6.69 फीसदी थी, जो कि सितंबर में बढ़कर 7.34 फीसदी हो गई. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक अगस्त 2020 के 9.05 फीसदी के मुकाबले सितंबर में 10.68 फीसदी हो गया है.

इन आंकड़ों ने भी बढ़ाई चिंता

प्राइमरी आर्टिकल्स डब्ल्यूपीआई आधारित सूचकांक पर सितंबर में 150.3 पर रहे और सालाना महंगाई दर 5.10 फीसदी रही जो अगस्त में सूचकांक 146.3 पर और महंगाई दर 1.60 फीसदी थी.  फ्यूल और पॉवर सितंबर महीने में डब्ल्यूपीआई आधारित सूचकांक में 91 फीसदी पर और सालाना महंगाई दर -9.54 फीसदी पर रही है. विनिर्मित उत्पाद दर सितंबर महीने 119.8 फीसदी पर रहे और सालाना महंगाई दर 1.61 फीसदी रही. अगस्त में ये सूचकांक में 119.3 पर और महंगाई दर 1.27 रही थी. सितंबर महीने में फूड इंडेक्स डब्ल्यूपीआई आधारित सूचकांक में 157.6 फीसदी पर और सालाना महंगाई दर 6.92 फीसदी रही. हालांकि उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीने में महंगाई के आंकड़ों कमी दिखाई दे ताकि देशवासियों के लिए त्योहार का मजा किरकिरा न हो सके.

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