दूसरे विश्व युद्ध में गिराया गया था बम, डिफ्यूज करते समय हुआ धमाका, जानें क्या हुआ उसके बाद

 पोलैंड नेवी के गोताखोर पानी के अंदर बम डिफ्यूज करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वह अपने मिशन में कामयाब हो पाते बम फट गया.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 6:15 pm, Wed, 14 October 20

पोलैंड (Poland) में दूसरे विश्व युद्ध (World War II) के समय का सबसे बड़ा बम मंगलवार को डिफ्यूज करने के दौरान फट गया. गनीमत रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ. पोलैंड नेवी के गोताखोर पानी के अंदर बम डिफ्यूज करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वह अपने मिशन में कामयाब हो पाते बम फट गया. बम को नहर में ले जाने वाले सभी डाइवर्स इसके फटने से पहले ही डेंजर जोन से बाहर निकल गए थे.

सेकंड वर्ल्ड वार के दौरान इस्तेमाल में लाए जाने वाले इस बम को ‘Earthquake Bomb’ या ‘Tallboy’ के नाम से भी जाना जाता है. सितंबर 2019 में पोलैंड के Swinoujscie शहर में खुदाई के दौरान मिला था. सेकंड वर्ल्ड वार के दौरान ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स इन बमों का इस्तेमाल किया करती थी. इसका कुल वजन 5,400 किलोग्राम था और इसके अंदर 2,400 किलोग्राम विस्फोटक भरा था. एक्सपर्ट यह पता नहीं कर सके कि आखिर यह बम अब तक फटा क्यों नहीं था.

महसूस किये झटके

बम डिफ्यूज करने से पहले एहतियात के तौर पर पूरा इलाका खाली करा लिया गया था. 750 से अधिक लोगों को यहां से किसी दूसरे जगह पर ले जाया गया था. धमाका इतना जोरदार था कि स्वाइनजॉस्की के कुछ हिस्सों में झटके महसूस किये गए. पोलैंड की नौसेना ने इस बम को डिफ्यूज करने के लिए रिमोट-कंट्रोल्ड डिवाइस का इस्तेमाल किया. यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें विस्फोट के बिना बम को डिफ्यूज किया जा सकता है. हालांकि  इस बार डिफ्लैगरेशन प्रोसेस ने काम नहीं किया.

पोलैंड नेवी ने कहा अब इस बम से कोई खतरा नहीं

पोलैंड नेवी के प्रवक्ता ग्रिगोर्ज लेवेंडॉस्की ने बताया कि बम डिफ्यूज करने के दौरान फट गया है, इसका मतलब यह पूरी से इनएक्टिव हो चुका है. अब भविष्य में इससे किसी तरह का खतरा नहीं होगा. उन्होंने आगे कहा कि जिस समय यह हादसा हुआ सभी माइन डाइवर डेंजर जोन से बाहर थे. बम को डिफ्यूज करने से पहले पिएस्ट चैनल के पास से 750 लोगों को हटाया गया था और आसपास 2.5 किलोमीटर तक का एरिया खाली करा दिया गया था.