अब समय है भेलपूरी वाले बाबा की मदद का… सोशल मीडिया पर शेयर हो रही ये दर्द भरी

तमाम कठिनाइयों के बाद भी छंका लाल अपने कस्टमर्स से मुस्कराते हुए ही मिलते हैं. इनकी चिंता इनके चेहरे पर जरा भी नहीं दिखती.

भेलपूरी वाले छंका लाल

दिल्ली के ‘बाबा का ढ़ाबा’ की success story के बाद अब पूरे देश में लोग ऐसे ही जरूरतमंद लोगों की स्टोरी और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं. जिनसे कोरोना ने उनका रोजगार छीन लिया है. दिल्ली के बाबा का ढ़ाबा, आगरा के कांजी वड़े वाले बुजुर्ग के बाद अब फरीदाबाद के भेलपूरी वाले बाबा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

फरीदाबाद में सड़क किनारे भेलपूरी बेच रहे इस बुजुर्ग का नाम ‘छंका लाल’ है. इनका ये नाम हाथ में 6 उंगलिया होने की वजह से पड़ा था. 86 की उम्र में भी छंका लाल रोज सुबह उठकर भेलपूरी बेचने जाते हैं. क्योंकि यही उनकी कमाई का इकलौता जरिया है. बाबा की भेलपूरी की कीमत मात्र 5 रुपए है.

चहरे पर नहीं छलकता दर्द
लॉकडाउन में कस्टमर्स ना होने के कारण घर का गुजारा कर पाना उनके लिए काफी मुशकिल हो गया है और अभी भी कोरोना के चलते लोग बाहर का खाना खाने से बच रहे हैं, जिसके चलते उनकी कमाई नहीं हो पा रही है. लेकिन तमाम कठिनाइयों के बाद भी छंका लाल अपने कस्टमर्स से मुस्कराते हुए ही मिलते हैं. इनकी चिंता इनके चेहरे पर जरा भी नहीं दिखती.

सारा बोझ है बुजुर्ग के कमजोर कंधों पर
छंका लाल के घर में कुल 5 सदस्य हैं. बाबा के घर में उनका बेटा, बहू और 2 पोते हैं. बाबा की फैमली पूरी तरह उनपर ही निर्भर हैं. क्योंकि उनके बेटे को लकवा मार चुका है. परिवार में बाबा और उनकी बहू मिलकर करीब महीने में करीब 6 हजार रुपए कमाया करते थे. लेकिन लॉकडाउन में बहू की भी नौकरी जाने के कारण सारा बोझ बुजुर्ग बाबा के कमजोर कंधों पर आ गया है. बाबा का भी आधा शरीर काम नहीं करता है. लेकिन फिर भी वो पूरी मेहनत से अपने परिवार के गुजर बसर के लिए दिन रात लगे हुए हैं.

Vishal Chaubey यांनी वर पोस्ट केले रविवार, ११ ऑक्टोबर, २०२०

कैसे आई बाबा की कहानी सामने
विशाल चौबे नाम के एक शख्स ने भेलपूरी वाले बाबा का वीडियो और तस्वीरें अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर की थी. उन्होंने अपने पोस्ट में भेलपूरी वाले बाबा की कहानी बताते हुए लिखा था, ‘आज मैं एक 86 साल के मेहनती बुजुर्ग व्यक्ति से मिला जो कि अपने समान की बिक्री ना हो पाने से अपनी जरूरतें पूरी करने में असमर्थ हैं. उनके साथ अब उन्की पत्नी भी नहीं हैं, एक बेटा इस दुनिया में नहीं है और दूसरा पैरेलाइज है. ये बाबा अपनी फैमली के लिए ही इस उम्र में काम कर रहें है. आप में से कोई बाबा के लिए कुछ करना चाहता है तो इस बाबा की ‘चंगा बाबा की चलता फिरता चना भेलपूरी शॉप’ पर आएं.

बताया जा रहा है कि इंटरनेट पर भेलपूरी वाले बाबा का वीडियो और तस्वीरें वायरल होने बाद कई लोग बाबा की मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं और विशाल चौबे से पर्सनली कॉन्टेक्ट कर रहे हैं.

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