पिता करते हैं पेट्रोल पंप पर काम, बेटा बना IAS

प्रदीप के पिता मनोज सिंह पिछले 25 सालों से इंदौर के देवास रोड इस्थित पेट्रोल पंप पर काम कर रहे हैं.
Pradeep IAS 93rd Rank, पिता करते हैं पेट्रोल पंप पर काम, बेटा बना IAS

इंदौर : किसी ने सही कहा है कि यदि इंसान कुछ करने की ठान ले तो वह उस मुकाम को हासिल कर लेता है, बस उसे जरूरत होती है आत्मविश्वास की. संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 93वीं रैंक हासिल करने वाले इंदौर के प्रदीप ने इसी आत्मविश्वास के दम पर सफलता पाई है. कठिन परिस्थितियों में पढ़ने वाले प्रदीप के पिता पेट्रोल पंप पर काम करते हैं.

Pradeep IAS 93rd Rank, पिता करते हैं पेट्रोल पंप पर काम, बेटा बना IAS
प्रदीप को UPSC एक्जाम की तैयारी कराने के लिए पिता ने अपना मकान भी बेच दिया था.

प्रदीप की यूपीएससी की तैयारी के लिए पिता मनोज सिंह और घर के बाकी के सदस्यों ने पूरी मदद की. प्रदीप UPSC की तैयारी के लिए दिल्ली आना चाहता थे लेकिन घर में आर्थिक स्थिति इतनी ठीक नहीं थी कि दिल्ली में महंगी कोचिंग करा सके. इसके बावजूद भी पिता ने हार नहीं मानी और बेटा कोचिंग में पढ़ाई कर सके इसके लिए अपना घर बेच दिया और खुद किराए के मकान में रहने लगे.

प्रदीप ने इंदौर से बीकॉम की पढ़ाई की है. प्रदीप की मंशा है कि वह आगे चलकर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करें. गौरतलब है कि इस बार के रिजल्ट में कुल 759 कैंडिडेट को UPSC ने IAS, IPS, IRS और अन्य ग्रुप A और B की सेवा के लिए चयनित किया है.

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