प्रियंका गांधी के राजनीतिक करियर का टर्निंग प्वॉइंट थी यह भावुक अपील

Share this on WhatsAppकांग्रेस महासचिव बनाए जाने के बाद से प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार मीडिया की सुर्खियों में बनी हुई हैं. ऐसा माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी के सक्रिय होने से 2019 के लोकसभा चुनाव काफी हद तक प्रभावित होने वाले हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक इससे बहुत ही उत्साहित हैं. प्रियंका गांधी […]

कांग्रेस महासचिव बनाए जाने के बाद से प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार मीडिया की सुर्खियों में बनी हुई हैं. ऐसा माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी के सक्रिय होने से 2019 के लोकसभा चुनाव काफी हद तक प्रभावित होने वाले हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक इससे बहुत ही उत्साहित हैं. प्रियंका गांधी भारत की राजनीति में कोई अनजाना सा चेहरा नहीं हैं. बल्कि इससे पहले भी वह कई मौकों पर कांग्रेस का प्रचार-प्रसार करती नजर आई हैं जिसका पार्टी को फायदा भी हुआ है. इन सबके बीच प्रियंका गांधी के राजनीतिक करियर का एक टंर्निंग प्वॉइंट भी रहा है. क्या आपको इसकी जानकारी है?

बात साल 1999 के लोकसभा चुनाव की है. जब प्रिंयका गांधी ने चुनाव के दौरान रायबरेली और अमेठी की जनता से एक बेहद भावुक अपील की थी. इससे पहले साल 1998 में रायबरेली से राजीव गांधी के रिश्‍ते के भाई अरुण नेहरू और अमेठी से संजय सिंह को भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) से टिकट मिला था. अरुण और संजय दोनों को ही इस चुनाव में जीत हासिल हुई थी.

1999 लोकसभा चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी की लहर थी. लेकिन साल 1999 के चुनाव में प्रिंयका गांधी की एक भावुक अपील ने पासा पलट दिया था. उन्‍होंने कहा था, ‘क्‍या आप उस आदमी को वोट देंगे जिसने मेरे पिता की पीठ में छुरा भोंका था.’ प्रियंका की इस अपील की रायबरेली और अमेठी की जनता में गहरा असर हुआ. और कांग्रेस इन दोनों ही सीटों से चुनाव जीत गई.

यह पहला मौका था जब देश की जनता ने प्रियंका गांधी की राजनीतिक ताकत देखी थी. और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रियंका गांधी में इंदिरा गांधी की छवि दिखनी लगी थी. 2019 लोकसभा चुनाव में एक बार फिर से प्रियंका गांधी की परीक्षा होनी है. देखना दिलचस्प होगा कि 2019 लोकसभा चुनाव में प्रियंका के आने से कांग्रेस को कितनी मजबूती मिलती है.

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