इस एक कैच ने तय कर दी टीम इंडिया की हार

रविंद्र जडेजा की बिंदास बल्‍लेबाज भारत के लिए उम्‍मीद बन गई थी. जडेजा का अर्धशतक 39 गेंदों पर पूरा हुआ.

नई दिल्ली: टीम इंडिया के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप 2019 के सेमीफाइनल में अच्छी गेंदबाजी, अच्छी फील्डिंग और फिर शानदार बल्लेबाज की, लेकिन टीम इंडिया मैच हार गई. इसी हार के साथ टीम इंडिया का वर्ल्ड कप 2019 से सफर समाप्त हो गया.

जडेजा भारत को मैच भले ही नहीं जीता सके लेकिन उनकी यह पारी क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक के पन्ने में दर्ज हो गयी है. यह वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में नंबर-8 पर बल्लेबाज़ी का एक नया रिकॉर्ड है. यह किसी भी वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में नंबर-8 पर उतरे बल्लेबाज़ के सर्वाधिक स्कोर का नया रिकॉर्ड है.

अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक के दौरान जडेजा ने 59 गेंदों का सामना किया. जडेजा भारतीय पारी के दौरान 31वें ओवर की तीसरी गेंद पर मैदान में उतरे थे. तब भारत के छह विकेट गिर चुके थे और स्कोर बोर्ड पर थे महज़ 92 रन.

जडेजा ने धोनी के साथ की 116 रनों की साझेदारी
जडेजा ने कुछ गेंद खेलने के बाद उन्होंने नीशाम की गेंद पर छक्का जड़ने के साथ अपने इस रिकॉर्ड तोड़ पारी की बुनियाद रखी. अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक के दौरान जडेजा ने 59 गेंदों का सामना किया और सातवें विकेट के लिए महेंद्र सिंह धोनी के साथ 116 रनों की साझेदारी निभाई. इस दौरान उन्होंने चार चौके और चार छक्के जड़े.

18 रनों की हार के बाद भारत भले ही वर्ल्ड कप 2019 से बाहर हो गया लेकिन यह कहना गलत नहीं होगा कि जडेजा की बल्लेबाज़ी की बदौलत ही भारत ने इस मैच में वापसी की थी. आखिरी छह ओवर में भारत को 62 रन की जरूरत थी. जडेजा तो मानो छक्‍कों से ही जवाब देने का आमादा थे. उन्‍होंने फर्ग्‍यूसन को छक्‍का लगाया.

जरूरत अब आखिरी 5 ओवर में 52 रन की थी. 48वें ओवर में बोल्‍ट ने रवींद्र जडेजा (77 रन, 59 गेंद, चार चौके और चार छक्‍के) को कप्‍तान विलियमसन से कैच कराकर भारत की उम्‍मीदों को करारा झटका दे दिया. 40 ओवर के बाद टीम इंडिया का स्‍कोर 6 विकेट खोकर 150 रन था. शेष 10 ओवर में टीम को 90 रन की जरूरत थी.

जडेजा ने लगाया शानदार अर्धशतक
धोनी और जडेजा की पार्टनरशिप 50 रन को पार कर चुकी थी. 41वें ओवर में एक बार फिर जडेजा के रडार पर सैंटनर आए और उन्‍होंने ओवर की पांचवीं गेंद छक्‍के के लिए बाउंड्री के बाहर पहुंचा दी. उनका हर शॉट भारतीय फैंस की उम्‍मीदों को बढ़ाने का काम कर रहा था. 42वें ओवर में जडेजा ने नीशाम को चौका जड़ा और इसके बाद दो रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया.

जडेजा की बिंदास बल्‍लेबाज भारत के लिए उम्‍मीद बन गई थी. जडेजा का अर्धशतक 39 गेंदों पर तीन चौके और इतने ही छक्‍कों की मदद से पूरा हुआ. किस्‍मत भी इस दौरान भारतीय बल्‍लेबाजों पर मेहरबान लग रही थी. जडेजा के कुछ शॉट हवा में गए लेकिन फील्‍डर्स की पहुंच से दूर गिरे.

48वें ओवर में बोल्‍ट ने रवींद्र जडेजा (77 रन, 59 गेंद, चार चौके और चार छक्‍के) को कप्‍तान विलियमसन से कैच कराकर भारत की उम्‍मीदों को करारा झटका दे दिया. इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी (50 रन, 72 गेंद, एक चौका और एक छक्‍का) के रन आउट होने के साथ ही भारत की हार तय हो गई. भारत के आखिरी दो विकेट भुवनेश्‍वर कुमार और युजवेंद्र चहल के रूप में गिरे.पूरी टीम 49.3 ओवर में आउट हो गई.

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