Axis Bank का शेयर हुआ धाराशायी, लोन लेकर नहीं लौटाने वालों ने खड़ी की बड़ी मुसीबत

बैंक के एक शेयर का दाम मंगलवार को 702 रुपए था जो बाजार खुलते ही 657 रुपए तक जा गिरा. पिछले तीन ट्रेडिंग डे के दौरान एक्सिस बैंक लगातार नीचे रहा है.

Bombay Stock Exchange (BSE) के संवेदी सूचकांक SENSEX में शामिल Axis Bank के शेयर बुधवार को निढाल खुले. इससे पहले Axis Bank ने अपने तिमाही नतीजे जारी किए. मुनाफा तो पिछले साल के मुकाबले 95 फीसदी बढ़ा लेकिन लोन डिफॉल्ट ने इस पर पानी फेर दिया. कंपनी को 30 जून को खत्म तिमाही में 1370 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है.

पिछले साल की तिमाही में ये आंकड़ा 701 करोड़ था. इंटरेस्ट इनकम और एसेट बेचने से हुई आमदनी के कारण मुनाफा बढ़ा है. इसके बावजूद शेयर बाजार निवेशकों ने नतीजों को हाथो हाथ नहीं लिया. जानकारों की राय में Axis Bank को एनपीए यानी नॉन परफॉर्मिंग एसेट बढ़ने के कारण शेयर के दाम धड़ाम हो गए.

बैंक के एक शेयर का दाम मंगलवार को 702 रुपए था जो बाजार खुलते ही 657 रुपए तक जा गिरा. पिछले तीन ट्रेडिंग डे के दौरान एक्सिस बैंक लगातार नीचे रहा है. 30 जून तक बैंक का एनपीए 29 हजार करोड़ रुपए था. इसके लिए बैंक को प्रोविजनिंग और आपातकाल के लिए रिजर्व में 40 फीसदी तक की भारी बढ़ोत्तरी करनी पड़ी. एसेट क्वालिटी खराब होने के कारण ही शेयर के दाम इतने तेज गिरे.

सरकारी बैंकों में एनपीए की समस्या पुरानी है. यूपीए शासनकाल में ये आंकड़ा 3.5 लाख करोड़ रुपए था जो पिछले साल 9 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया. नरेंद्र मोदी सरकार ने इस पर लगाम लगाने के लिए कई उपाय किए. इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) अहम हथियार है. इसके कारण तीन लाख करोड़ रुपए तक का एनपीए वसूला भी गया है.