वैज्ञानिकों ने सुलझाई एक बड़ी पहेली, Coronavirus की वैक्सीन बनाने में मिलेगी मदद

रिसर्चर्स के मुताबिक nsp16 की 3D संरचना को समझने से SARS-CoV-2 और कई अन्य तरह के वायरस के खिलाफ वैक्सीन (Vaccine) तैयार करने का रास्ता खुल सकता है. दवाओं को इस तरह तैयार किया जा सकता है, जो वायरस को nsp16 में बदलाव करने से रोकें.
coronavirus molecules in host cell decoded, वैज्ञानिकों ने सुलझाई एक बड़ी पहेली, Coronavirus की वैक्सीन बनाने में मिलेगी मदद

हाल ही में वैज्ञानिकों ने उस अणु की संरचना की पहेली को हल कर लिया है जिसका इस्तेमाल SARS-CoV-2 (नया कोरोनावायरस) अपना आनुवांशिक अनुक्रम (Genetic Sequence) तैयार करने के लिए मेजबान कोशिका (Host Cell) की तरह करता है. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस नई जानकारी से कोरोनावायरस (Coronavirus) के इलाज के लिए वैक्सीन (Vaccine) बनाने में मदद मिल सकती है. इस स्टडी को करने वाले वैज्ञानिकों में भारतीय मूल के वैज्ञानिक भी शामिल हैं.

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बता दें कि कोरोनावायरस समेत वायरस की कई प्रजातियां RNA के रूप में अपने आनुवंशिक अनुक्रम को इकट्ठा करती हैं, जो मानव कोशिकाओं में प्रवेश कर जाते हैं और वहां वायरस की संख्या बढ़ाते हैं. वायरस को अपने आप को स्थिर रखने के लिए अपने RNA की जरूरत होती है, ताकि वे इंसान की इम्युनिटी पावर से खुद को बचा सकें.

जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, अणु nsp10 होस्ट सेल के mRNAs की नकल करने के लिए वायरल mRNAs (जो प्रोटीन के उत्पादन के लिए ब्लूप्रिंट हैं) में बदलाव करता है. अमेरिका के सैन एंटोनियो (यूटी हेल्थ सैन एंटोनियो) में द यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास हेल्थ साइंस सेंटर के रिसर्चर्स का कहना है कि यह बदलाव nsp10 वायरस को होस्ट सेल की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (Immune Response) से बचाता है. यूटी हेल्थ सेन एंटोनियो से अध्ययन के सह-लेखक योगेश गुप्ता (Yogesh Gupta) ने इसे वायरस के दिए एक धोखे का नाम दिया.

रिसर्चर्स के मुताबिक nsp16 की 3D संरचना को समझने से SARS-CoV-2 और कई अन्य तरह के वायरस के खिलाफ वैक्सीन तैयार करने का रास्ता खुल सकता है. गुप्ता ने कहा कि दवाओं को इस तरह तैयार किया जा सकता है, जो वायरस को nsp16 में बदलाव करने से रोकें जिससे होस्ट सेल का इम्यून सिस्टम बाहरी वायरस की पहचान कर उन पर हमला कर सकें और उन्हें नष्ट कर सकें.

अध्ययन के सह-लेखक रॉबर्ट होर्मास ने कहा कि योगेश के काम ने कोरोनावायरस के एक महत्वपूर्ण एंजाइम की 3D संरचना की खोज की है जो उसके सैंपल के लिए जरूरी है और उसमें एक ऐसी जगह भी खोजी गई है जिसे निशाना बनाकर इस एंजाइम को रोका जा सकता है. यह वायरस को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस तरह हम कह सकते हैं कि शोधकर्ताओं ने SARS-COV-2 NSP10 अणु के संरचनात्मक साइट्स को सुलझा लिया है.

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