चोरी हुए मोबाइल फोन को ढूंढ़ना हुआ आसान, सरकार ने लॉन्च किया वेब पोर्टल

गुम या चोरी हुए फोन को सभी मोबाइल नेटवर्क पर ब्लॉक करने, चोर का पता लगाने और मोबाइल चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए इस प्रोजेक्ट को शुरू किया गया है.

कम्युनिकेशन मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने मुंबई में एक वेब पोर्टल की शुरुआत की है, जिससे चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाया जा सकेगा. इसके लिए दूरसंचार विभाग ने CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) प्रोजेक्ट शुरू किया है. गुम या चोरी हुए फोन को सभी मोबाइल नेटवर्क पर ब्लॉक करने, चोर का पता लगाने और मोबाइल चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए इस प्रोजेक्ट को शुरू किया गया है.

बता दें कि आइडेन्टिटी के लिए हर मोबाइल का एक यूनीक IMEI नंबर होता है. ये नंबर रिप्रोग्रामेबल होता है, यानी कि इसे बदला जा सकता है. फोन चुराने वाले ठग इसे रिप्रोग्राम कर देते हैं. चोर IMEI की क्लोनिंग कर देते हैं, जिसके कारण एक ही IMEI नंबर पर कई फोन इस्तेमाल किए जाते हैं.

टेलिकम्युनिकेशन्स डिपार्टमेंट के मुताबिक IMEI हैंडसेट क्लोनिंग के कई मामले सामने आ चुके हैं. अगर IMEI नंबर को ब्लॉक कर दिए जाए तो जिनका मोबाइल फोन चोरी हुआ है उन्हें परेशानी होती है. इस मुसीबत से बचाने के लिए CEIR प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है.

CEIR प्रोजेक्ट का खास मकसद इन बातों पर रहेगा-

  • मोबाइल फोन को चोरी को कम करने के लिए गम हुए फोन को सभी मोबाइल नेटवर्क पर ब्लॉक करना.
  • गम या चोरी हुए फोन का पता लगाना.
  • मोबाइल नेटवर्क में IMEI क्लोनिंग (डुप्लीकेट) को रोकना.
  • चोरी हुए मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाना.
  • सर्विस क्वॉलिटी को बेहतर बनाना.
  • कॉल ड्रॉप कम करना.

फोन चोरी हो तो ऐसे करें कंप्लेंट

अगर आपका मोबाइल फोन मिसिंग है, तो सबसे पहले पुलिस थाने में FIR दर्ज करवाएं. इसके बाद हेल्पलाइन नंबर 14422 पर कॉल करें और टेलिकम्युनिकेशन्स डिपार्टमेंट को फोन की गुमशुदगी की जानकारी दें. वेरिफिकेशन किए जाने के बाद फोन को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा. इसके बाद कोई भी आपके फोन का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. वहीं अगर आपके फोन में दूसरे सिमकार्ड का इस्तेमाल किया गया तो सर्विस प्रोवाइडर नए यूजर को पहचान लेगा और इसकी जानकरी पुलिस को देगा.

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