H-1B वीजा नियमों में बदलाव के बाद अमेरिकी-भारतीयों की मुश्किलें बढ़ीं, अब इन्हें मिलेगी प्राथमिकता

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डॅानल्ड ट्रम्प ने H-1B वीजा आवेदन से संबंधित नई नीति की औपचारिक घोषणा कर दी है. ऐसा माना जा रहा है कि नई नीति ज्यादा सक्षम, प्रभावी है और यह योग्य लोगों को अमेरिका में लाने में सक्षम होगी. नियमों में यह नया बदलाव उस पुराने आदेश को पलट देगा जिसके […]

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डॅानल्ड ट्रम्प ने H-1B वीजा आवेदन से संबंधित नई नीति की औपचारिक घोषणा कर दी है. ऐसा माना जा रहा है कि नई नीति ज्यादा सक्षम, प्रभावी है और यह योग्य लोगों को अमेरिका में लाने में सक्षम होगी.

नियमों में यह नया बदलाव उस पुराने आदेश को पलट देगा जिसके तहत USCIAS (अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेस) के तहत H-1B अर्जियों का चयन किया जाता था. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ये नए नियम और ज्‍यादा प्रभावशाली हैं. इसके अलावा इन नए नियमों में अब एप्‍लीकेंट्स के पास इलेक्‍ट्रॉनिक रजिस्‍ट्रेशन का भी मौका होगा

क्या-क्या होंगे बदलाव?

  1. इस साल जनवरी की शुरुआत में ही ट्रम्प ने कहा था कि वह H-1B वीजा सिस्टम में बदलाव लाना चाहते हैं जिससे वीजा पाने वाले देश में रह सकें और उनके लिए अमेरिकी नागरिकता हासिल करने का रास्ता आसान हो जाए.
  2. H-1B वीजा एक नॉन-इमिग्रेंट वीजा है जिसकी आईटी कंपनियों में काफी मांग है. इस वीजा के जरिए अमेरिकी कंपनियां विदेशी एक्सपर्ट्स की नियुक्ती करती हैं.
  3. 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए नियमों में इमिग्रेशन सर्विसेज पहले उन H-1B आवेदनों को चुनेगा जिन्हें लाभार्थियों की तरफ से भेजा गया हो. इनमें वे लोग भी शामिल होंगे जिन्हें एडवांस्ड डिग्री में छूट मिल सकती है.
  4. H-1B वीजा को लेकर बनाए गए नए नियम फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित होंगे. इन्हें एक अप्रैल से लागू किया जाएगा. इमिग्रेशन सर्विसेस की मानें तो 2020 के लिए इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है.
  5. इमिग्रेशन सर्विसेज के निदेशक फ्रांसिस सिस्ना ने कहा कि नए नियमों में सामान्य बदलाव किए गए हैं इससे कंपनियों को काफी फायदा होगा. अमेरिका में नौकरी चाहने वाले विदेशियों को इससे मदद मिलेगी.
  6. इमिग्रेशन सर्विस का कहना है कि नए रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू होने के बाद नियोक्ताओं कंपनी की समग्र लागत को कम हो जाएगी और सरकार की दक्षता में इजाफा होगा.