COVID-19: देश में अब तक दो वैक्सीन को मिली Human Trials की मंजूरी, जानें इनके बारे में सब कुछ

ह्यूमन ट्रायल (Human Trials) के लिए अनुमति प्राप्त करने वाला जाइडस कैडिला (Zydus Cadila) देश की दूसरी कंपनी है. इससे पहले हैदराबाद की भारत बायोटेक कंपनी को मंजूरी मिल चुकी है.
coronavirus vaccines human trials, COVID-19: देश में अब तक दो वैक्सीन को मिली Human Trials की मंजूरी, जानें इनके बारे में सब कुछ

कोरोनावायरस (Coronavirus) से निपटने के लिए इसकी वैक्‍सीन और दवा बनाने पर कई देशों में तेजी से काम चल रहा है. इस बीच भारत में COVID-19 संक्रमण की संभावित वैक्‍सीन के फेज 1 और फेज 2 के ह्यूमन क्‍लीनिकल ट्रायल के लिए फार्मा कंपनी जाइडस कैडिला (Zydus Cadila) को मंजूरी दे दी गई है. यह मंजूरी ड्रग कंट्रोलर जनरल और इंडिया (DCGI) की ओर से दी गई है. इससे पहले हैदराबाद की भारत बायोटेक कंपनी को मंजूरी मिल चुकी है.

ह्यूमन ट्रायल के लिए अनुमति प्राप्त करने वाला जाइडस कैडिला देश की दूसरी कंपनी है. ड्रग निर्माता COVID-19 के खिलाफ वैक्सीन विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. लेकिन अबतक किसी भी कंपनी को इस मामले में सफलता हाथ नहीं लगी है.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जाइडस कैडिला का दावा है कि उसकी इस वैक्‍सीन जानवरों पर किए गए ट्रॉयल में कारगर साबित हुई है. जाइडस कैडिला ने जानवरों पर किए गए परीक्षणों की रिपोर्ट ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को सौंपी थी, जिसके अध्‍ययन के बाद DCGI ने वैक्सीन के मानव परीक्षण के पहले और दूसरे चरण की मंजूरी दी.

अगले हफ्ते इस टीके का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो सकता है और यदि सब कुछ ठीक रहा तो अक्टूबर नवंबर तक फेज 1-2 के ट्रायल 1,000 से ज्यादा लोगों पर कर लिए जाएंगे. इसके बाद कंपनी फेज 3 का परीक्षण शुरू करेगी और 2021 की शुरुआत में टीका बाजार में आ सकता है.

जाइडस कैडिला का दावा है कि उसने इसके पहले जानवरों पर काफी गहन रिसर्च किया है. चूहों, गिनी पिग और खरगोश पर इस टीके का बहुत अच्छा इम्यून रिस्पांस देखा गया. इस टीके के द्वारा जो एंटीबॉडी तैयार की जाती है वह खतरनाक स्तर के वायरस को भी पूरी तरह से खत्म कर देती है.

वहीं भारत बायोटेक के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक, डॉ. कृष्णा एला का कहना है कि हम Covid-19 के खिलाफ भारत के पहले घरेलू स्तर पर विकसित वैक्सीन, कोवैक्सीन की घोषणा कर गौरवान्वित हैं. इस वैक्सीन के विकास में ICMR और NIV की सहभागिता महत्वपूर्ण रही है.

CDSCO के सक्रिय समर्थन और मार्गदर्शन से इस परियोजना को स्वीकृति मिल पाई. हमारे आर एंड डी और विनिर्माण टीमों ने इस प्लेटफार्म की दिशा में हमारी खुद की प्रौद्योगिकियों की तैनाती में अथक परिश्रम किया.

राष्ट्रीय विनियामकीय प्रोटोकॉल्स से गुजरते हुए कंपनी ने व्यापक प्री-क्लीनिकल स्टडीज को पूरा करने में अपने उद्देश्य को गति दी. इन अध्ययनों के परिणाम शानदार रहे हैं और अत्यंत सुरक्षित और प्रभावी इम्यून रेस्पॉन्सेस प्रदर्शित किए हैं.

Related Posts