रेल यात्रा की तरह ही हवाई सफर के लिए भी अनिवार्य हो सकता है Aarogya Setu App

केंद्र सरकार ट्रेन की तरह ही घरेलू हवाई यात्रा भी शुरू कर सकती है और उसी तरह हवाई सफर में यात्रियों को अपने फोन में आरोग्य सेतु ऐप (Aarogya Setu App) डाउनलोड करने के बाद ही फ्लाइट में चढ़ने दिया जाएगा.
Like rail travel Aarogya Setu App may be mandatory, रेल यात्रा की तरह ही हवाई सफर के लिए भी अनिवार्य हो सकता है Aarogya Setu App

कोरोनावायरस (Coronavirus) के लिए बनाई गई आरोग्य सेतु मोबाइल एप्लिकेशन (Aarogya Setu App) अब रेल यात्रा के साथ-साथ हवाई सफर करने के लिए भी अनिवार्य हो सकता है. इतना ही नहीं जल्द ही सरकार देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोगों के लिए घरेलू हवाई यात्रा (Domestic Flights) भी शुरू कर सकती है.

इंडियन एक्सप्रेस में पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ट्रेन की तरह ही घरेलू हवाई यात्रा भी शुरू कर सकती है और उसी तरह हवाई सफर में यात्रियों को अपने फोन में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के बाद ही फ्लाइट में चढ़ने दिया जाएगा. सरकारी अधिकारियों ने बताया, “हवाई यात्रियों के लिए इस ऐप को अनिवार्य बनाने के बारे में अभी प्रारंभिक चर्चा की गई है.”

उड्डयन मंत्रालय ने भेजा प्रस्ताव

रिपोर्ट में कहा गया है, कि अगर उड्डयन मंत्रालय (Aviation ministry) के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो यात्रियों को यात्रा करने की अनुमति देने से पहले ऐप को अपने स्मार्टफोन में इंस्टॉल और पूरी तरह फंक्शनल होना आवश्यक होगा. मालूम हो कि लॉकडाउन के दौरान सभी कमर्शियल फ्लाइट्स पर रोक लगा दी गई थी.

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आरोग्य सेतु ऐप से करा सकते हैं अपना डेटा डिलीट

वहीं इससे पहले केंद्र सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप (Aarogya Setu App) के यूजर्स की जानकारी और डेटा से जुड़े मामलों पर नई गाइडलाइंस जारी की थी. इसके तहत कोई भी यूजर आरोग्य सेतु पर उसकी तरफ से दी गई संबंधित जानकारियों और डेटा को डिलीट करने का अनुरोध कर सकता है.

180 दिनों से ज्यादा सेव नहीं रहेगा डेटा

ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उपयोगकर्ताओं की इस अपील पर 30 दिन के अंदर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सजा का प्रावधान भी किया गया है. गाइडलाइंस के अनुसार 180 दिनों से अधिक डेटा के भंडारण पर रोक लगायी गई है, जो कि पहले 60 दिन थी.

6 महीनों के लिए लागू होगा प्रोटोकॉल

सारकार ने आरोग्य सेतु इमरजेंसी डेटा एक्सेस और नॉलेज शेयरिंग प्रोटोकॉल, 2020 के तहत इन नियमों को बनाया है, जो अगले छह महीनों के लिए लागू होगा. उपयोगकर्ता के नाम, मोबाइल नंबर, आयु, लिंग, पेशा और यात्रा इतिहास के बारे में डेटा इस दायरे में आते हैं.

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