अब गुम हुए फोन को ढूंढना हुआ आसान, जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर

अगर कोई किसी दूसरे मोबाइल का IMEI चोरी या गुम हुए मोबाइल में लगाएगा तो आसानी से दूसरे मोबाइल रखने वाले की जानकारी हासिल हो जाएगी.

नई दिल्ली: गुम हुए या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत दर्ज कराने के लिए आने वाले दिनों में आपको भटकना नहीं पड़ेगा. सरकार ने देशभर के लिए एक हैल्पलाइन नंबर 14422 जारी किया है. महज इसको डायल करने पर शिकायत दर्ज हो जाएगी और पुलिस समेत सेवा प्रदाता कंपनियां आपके मोबाइल की खोज में जुट जाएंगी.

जल्द ही गुम या चोरी हुआ मोबाइल वापस पाना ग्राहकों के लिए आसान होगा. सभी मोबाइल का डेटाबेस रखने वाला Central Idenity Register बनकर तैयार हो गया है.

सूत्रों के मुताबिक टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद 1-2 हफ्ते शुरुआत कर सकते है. सेन्ट्रल आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) में सभी मोबाइल का डेटा बेस होगा. दूरसंचार विभाग 1-2 हफ्ते में CEIR की अधिकारिक शुरुआत करेगा.

मिली जानकारी के मुताबिक CEIR को C-DoT ने तैयार किया है. पहले महाराष्ट्र सर्किल में इसकी शुरुआत हुई थी, जहां इसका ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा.

सरकार ने गुम हुए मोबाइल की शिकायत दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन नंबर “14422” भी जारी किया है. पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद फोन पर नेटवर्क बंद हो जाएगा.
IMEI नंबर के जरिए ऑपरेटर्स मोबाइल को नेटवर्क पर ब्लॉक कर सकेंगे. IMEI बदलने पर दूसरे IMEI से मैच करने पर भी मोबाइल ब्लॉक रहेगा. साथ ही IMEI नंबर बदलने पर 3 साल की सजा का प्रवधान किया गया है.

दूरसंचार प्रौद्योगिकी केंद्र (सी-डॉट) ने चोरी या गुम मोबाइल का पता लगाने के लिए सेंट्रल इक्यूपमेंट आईडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) तैयार कर लिया है. सीईआईआर में देश के हरेक नागरिक का मोबाइल मॉडल, सिम नंबर और IMEI नंबर है. मोबाइल मॉडल पर निर्माता कंपनी द्वारा जारी IMEI नंबर के मिलान का तंत्र सी-डॉट ने ही तैयार किया है. इस तंत्र को चरणबद्ध तरीके से राज्यों की पुलिस को सौंपा जाएगा. साथ ही दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों भी इसमें भूमिका निभाएंगी. मोबाइल के चोरी या गुम होने पर शिकायत 14422 नंबर मिलाने पर दर्ज होते ही पुलिस और सेवा प्रदाता CEIR से मोबाइल मॉडल और IMEI का मिलान करेंगी. अगर मोबाइल में IMEI बदला जा चुका होगा तो सेवा प्रदाता सेवाएं बंद कर देंगी. हालांकि सेवाएं बंद होने के बावजूद पुलिस मोबाइल ट्रैक कर सकेगी.

दूरसंचार मंत्रालय मई के अंत में महाराष्ट्र सर्किल में इस व्यवस्था को शुरू करेगा. इसके बाद देश के अन्य 21 दूरसंचार सर्कल में इसे कई चरणों में दिसंबर तक लागू किया जाएगा. सी-डॉट के मुताबिक CEIR तंत्र में शिकायत मिलने पर मोबाइल में कोई भी सिम लगाए जाने पर नेटवर्क नहीं आएगा. लेकिन जो मोबाइल चोरी हुआ है उसके मॉडल में किस कंपनी का कौन सा सिम डाला गया है या IMEI नंबर बदलकर लगाया गया है. इसकी जानकारी मिल जाएगी और वह ट्रैक भी कर सकेंगे. मोबाइल में नेटवर्क को सेवा प्रदाता द्वारा ब्लॉक किया जाएगा. अगर कोई किसी दूसरे मोबाइल का IMEI चोरी या गुम हुए मोबाइल में लगाएगा तो आसानी से दूसरे मोबाइल रखने वाले की जानकारी भी हासिल हो जाएगी.

याद रहे बीते कुछ सालों से रोजाना हजारों मोबाइल की चोरी और लूट की घटनाओं को देखते हुए दूरसंचार मंत्रालय ने सी-डॉट को यह तंत्र विकसित करने को कहा था. मंत्रालय के एक सर्वे में सामने आया था कि देश में एक ही IMEI नंबर पर 18 हजार हैंडसेट चल रहे हैं.

गौरतलब है कि IMEI बदलने पर तीन साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है. गतवर्ष दूरसंचार मंत्रालय ने मोबाइल चोरी, झपटमारी और गुम होने की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर टेलीग्राफ एक्ट में संशोधन किया था. इसके तहत IMEI से छेड़छाड़ करने वाले के खिलाफ पुलिस और एजेंसिया मुकदमा दर्ज कर सकती हैं जो दंडात्मक है.