पर्स में रखे-रखे भी क्रेडिट-डेबिट कार्ड से निकल जाते हैं रुपये, जान लें ऐसे फ्रॉड से बचने के तरीके

बिना आपकी जेब को हाथ लगाए कार्ड का यूज हो जाएगा और आपको भनक तक नहीं लगेगी. न आपके पास कोई OTP आएगा, न ही कोई PIN पूछा जाएगा मगर अकाउंट जरूर खाली हो जाएगा.
Credit-Debit Cards fraud, पर्स में रखे-रखे भी क्रेडिट-डेबिट कार्ड से निकल जाते हैं रुपये, जान लें ऐसे फ्रॉड से बचने के तरीके

क्रेडिट-डेबिट कार्ड से फ्रॉड सिर्फ ऑनलाइन ही नहीं, ऑफलाइन भी हो सकता है. जी हां, आपके बगल से गुजरा शख्‍स बिना आपकी जेब को हाथ लगाए कार्ड इस्‍तेमाल कर लेगा और आपको भनक तक नहीं लगेगी. न आपके पास कोई OTP आएगा, न ही कोई PIN पूछा जाएगा मगर अकाउंट जरूर खाली हो जाएगा. ऐसे फ्रॉड का खुलासा हुआ है ग्रेटर नोएडा वेस्‍ट से. बिसरख पुलिस ने एक शख्‍स को अरेस्‍ट किया है जो मॉल, मेट्रो और मार्केट जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों को निशाना बनाता था.

कैसे बनते हैं शिकार?

पकड़ा गया शख्‍स दिनेश जाट अपने साथ प्‍वॉइंट ऑफ सेल (PoS) मशीन रखता था. इसमें 1999 रुपये के पेमेंट की रिक्‍वेस्‍ट डालता और भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों की जेब से PoS मशीन को सटा देता. WiFi कार्ड्स से पेमेंट हो जाता और लोगों को पता भी नहीं चलता. एक बार में 1999 रुपये इसलिए निकाले जाते थे क्‍योंकि 2,000 रुपये या ज्‍यादा के ट्रांजेक्‍शन में PIN एंटर करना जरूरी होता है.

ऐसे फ्रॉड से खुद को कैसे बचाएं?

  • कोशिश करें कि WiFi कार्ड न यूज करें.
  • कोशिश करें कि Radio-frequency identification (RFID) सिक्‍योर्ड वॉलेट/बटुआ यूज करें.
  • अपने पर्स में एक साथ कई कार्ड न रखें.
  • संभव हो तो कार्ड्स को पर्स की जगह स्‍टील के कार्ड होल्‍डर्स में रखें.
  • इस कार्ड होल्‍डर को पर्स की बजाय ऊपर की जेब में रखें.
  • अपने बैंक से पता करें कि क्‍या वह एप पर WiFi डिसेबल की फैसिलिटी देते हैं. अगर हां तो इसे एक्टिवेट कर लें.
  • WiFi ट्रांजेक्‍शन की लिमिट को एप में कस्‍टमाइज कर मिनिमम कर लें.

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