लापरवाही के चलते सरकारी गौशाला में हुई 50 गायों की मौत, मामला गरमाने के बाद जांच के आदेश जारी

स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि पिछले 3 दिनों में यहां 13 गायों की मौत हो गयी है और रोजाना 3-4 गायों की मौत हो रही है.
cows died in government cowshed, लापरवाही के चलते सरकारी गौशाला में हुई 50 गायों की मौत, मामला गरमाने के बाद जांच के आदेश जारी

उत्तर प्रदेश के बांदा के अतर्रा की सरकारी कान्हा गौशाला में इलाज न मिलने और भूख प्यास से तड़पकर एक साथ कई गायों की मौत का मामला गरमा गया है. स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि पिछले 3 दिनों में यहां 13 गायों की मौत हो गयी है और रोजाना 3-4 गायों की मौत हो रही है. एक माह में 50 हो चुकी हैं. मौत के बाद उन्हें निर्धारित प्रक्रिया से न गुजारकर बिना पोस्टमार्टम कराए ट्रेक्टर में डलवाकर फेंकवा दिया जाता है.

मीडिया रिपोर्ट्स में यह जानकारी आने के बाद मृत गायों को ट्रेक्टर लगवाकर आनन-फानन में गौशाला से हटा कर दूर फेंक दिया गया. स्थानीय लोगों के अनुसार अकेले अक्टूबर महीने में ही 50 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है. हालांकि गौशाला इंचार्ज पिछले 2 दिन में सिर्फ 5 गायों की मौत की बात स्वीकार कर रहे हैं. हां, यह जरूर स्वीकार किया कि 5 गायों की मौत इलाज न मिलने की वजह से हुई.

उन्होंने बताया कि 7 दिन पहले यहां DM आए थे और कमियों को देखकर सभी को फटकार भी लगाई थी. गौशाला में अभी भी कई गायें इलाज के अभाव में पड़ी तड़प रही हैं. पूरे मामले में योगी सरकार से जिले के प्रभारी मंत्री नियुक्त लाखन सिंह राजपूत ने गायों की मौत के मामले पर कहा कि यह मामला गंभीर है, इसमें हाई लेवल इन्क्वारी कराने के आदेश दे रहा हूं.

डॉक्टर न होने के चलते नहीं हो पा रहा है पशुओं का इलाज

मालूम हो कि अतर्रा नगरपालिका द्वारा संचालित कान्हा गौशाला में इंचार्ज के पद पर तैनात छोटेलाल के मुताबिक यहां 446 पशु रखे गए हैं. जबकि एंट्री रजिस्टर में 20 अक्टूबर की तारीख तक सिर्फ 416 पशु दर्ज हैं, इसके बाद से अब तक वहां कोई गोवंश नहीं लाया गया. उन्होंने बताया कि कई बार बुलाने के बावजूद इस गौशाला में आज तक न कोई पशु डॉक्टर आया न ही किसी मृत जानवर का पोस्ट मॉर्टम हुआ. ऐसे में हम बीमार पशुओं को इलाज दे पाने में असमर्थ हैं.

गौशाला में कई गायों की मौत के बाद उन्हें अज्ञात स्थान पर फेंकने जा रहे ट्राली चालक ने बताया कि वह अब तक 50 से अधिक गायों को यहां से ले जाकर नहर के पास खाली जमीन में फेंक चुका है. जहां जंगली जानवर उन्हें नोचकर खा जाते हैं. इन गायों का कोई हिसाब नहीं होता. प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार एक माह में लगभग 50 गौवंश की मौत हो चुकी है. करीब 2 महीने पहले से संचालित इस सरकारी गौशाला में अनियमितता की तमाम शिकायतों के बाद DM ने एक हफ्ते पहले यहां का निरीक्षण कर तमाम निर्देश दिए थे, बावजूद इसके यहां गायों की मौत का सिलसिला जारी है.

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