सरकारी अस्‍पताल की MRI मशीन में 8 साल की बच्‍ची की मौत, ओवरडोज का आरोप

बच्ची के पिता ने बताया कि अस्पताल में बच्ची का कार्डियोपैगिया के लिए इलाज चल रहा था. गुरुवार को डॉ. ने बच्ची का एमआरआई कराने के लिए कहा था.

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक सरकारी अस्पताल की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है. यहां के लाला लाजपत राय अस्पताल में एमआरआई के दौरान 8 साल की एक बच्ची की मौत हो गई. बच्ची के परिजनों को आरोप है कि एमआरआई स्कैन से पहले दिए गए ओवरडोज़ के कारण उसकी मौत हुई है.

अस्पताल में प्राइवेट तौर पर एमआरआई की सुविधा दी जा रही थी. वहीं मामले के सामने आने के बाद अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. आरके मौर्य ने एमआरआई चलाने वाले सेंटर को नोटिस जारी कर दिया है और वहां से जवाब आने के बाद उचित कार्रवाई की जाने की बात कही है.

इस मामले पर सेंटर की इंचार्ज पूनम पांडे का कहना है कि बच्ची की मौत ओवरडोज के कारण नहीं हुई. उन्होंने कहा कि जब बच्ची को यहां लाया गया था, तो उसकी हालत गंभीर थी.

परिजनों ने लगाया ओवरडोज का आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्ची के पिता ने बताया कि अस्पताल में बच्ची का कार्डियोपैगिया के लिए इलाज चल रहा था. इस बीमारी में धड़ के नीचे शरीर के अंग ठीक तरह से काम नहीं करते हैं. गुरुवार को डॉ. ने बच्ची का एमआरआई कराने के लिए कहा था.

परिजन बच्ची को लाइफलाइन सेंटर ले गए, जो कि अस्पताल में प्राइवेटली चल रहा था. बच्ची के पिता ने कहा, “मुझसे कहा गया कि बच्ची को परेशानी हो सकती है इसलिए उसे बेहोश किया जाएगा और हमने उनकी बात मान ली.”

तीन घंटे बाद उन्हें सूचना दी गई कि बच्ची की मौत हो गई है. वे तुरंत बच्ची को डॉ. के पास लेकर गए जहां उन्होंने बच्ची की मौत की पुष्टि की. पिता ने आरोप लगाया है कि जब उन लोगों ने विरोध किया तो सेंटर वालों ने उन्हें यह कहकर डरा दिया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया जाएगा और उसकी आंखें निकाल ली जाएंगी.

 

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