यूपी: बेटा-बहू नहीं देते थे खाना, करते थे पिटाई, तंग आकर पिता ने कुंए में कूद दे दी जान

शिवपाल का बेटा कमलेश बताता है कि शाम को उसके पिता शौच के लिए घर से बाहर गए थे, लेकिन रात भर घर नहीं लौटे.

उत्तर प्रदेश में बांदा जिले के कमासिन थाना क्षेत्र के पछौंहा गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां रविवार रात एक अस्सी साल का बुजुर्ग कथित रूप से भूख से परेशान होकर सूखे कुएं में कूद गया, जिससे उसकी मौत हो गई.

‘घर में रहते थे बेटे-बहू के साथ’
कमासिन थानाध्यक्ष (एसओ) अशोक कुमार ने मंगलवार को बताया, “पछौंहा गांव के एक सूखे कुएं से सोमवार को बुजुर्ग शिवपाल विश्वकर्मा (80) का शव बरामद किया गया है. वह रविवार शाम से लापता था. वह अपने बेटे कमलेश और बहू के साथ रहता था.”

उन्होंने बताया कि अब तक कि जांच में यह पता नहीं चला कि उसने खुद कुएं में कूद कर आत्महत्या की है या फिर गलती से गिरा है. पर, ग्रामीणों ने यह जरूर बताया कि उसके लड़के-बहू उसके साथ मारपीट करते थे और खाना नहीं देते थे.

वहीं, शिवपाल के भाई की बहू सियापति ने बताया कि ‘देवर कमलेश और देवरानी सुनीता उसे कई-कई दिनों तक खाना नहीं देते थे. कभी-कभार वह गांव बस्ती में रोटी मांग कर खा लेता था तो इस पर भी उसकी देवरानी मारपीट करती थी और कहती थी कि ‘बुढ़वा गांव में हमारी बेइज्जती करवा रहा है’.

उसने बताया कि चचिया ससुर शिवपाल ने खाना न मिलने की शिकायत गांव प्रधान और कमासिन पुलिस से भी की थी, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई. सियापति कहती हैं कि ‘अस्सी साल का बुड्ढा भूख कब तक बर्दाश्त करता, इसलिए उसने कुएं में कूद कर जान दे दी है.’

बेटे ने पिता को खाना न देने से किया इनकार
शिवपाल का बेटा कमलेश बताता है कि ‘रविवार शाम उसका पिता शौच के लिए घर से बाहर गया था, लेकिन रात भर घर न लौटने पर सोमवार सुबह उसकी तलाश की गई तो सूखे कुएं में मरा पड़ा मिला.’ उसने स्वीकार किया कि पत्नी सुनीता से उसकी नहीं पटती थी और अक्सर दोनों के बीच झगड़ा होता रहता था. लेकिन पिता को भोजन आदि की कोई दिक्कत नहीं थी.

बबेरू के उपजिलाधिकारी महेंद्र सिंह ने कहा कि इस घटना की जानकारी मुझे नहीं थी. अब पता चला है तो अलग से जांच करवाई जाएगी. चूंकि उसके लड़का-बहू ने उसकी परवरिश नहीं की है, इसलिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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