‘इंजीनियर हूं, प्रयोग किया था’, मायावती संग गठबंधन टूटा तो बोल पड़े अखिलेश यादव

सपा और बसपा, दोनों ने दावा किया है कि गठबंधन से उन्हें सहयोगी पार्टी के वोटों का फायदा नहीं मिला है.
इंजीनियर, ‘इंजीनियर हूं, प्रयोग किया था’, मायावती संग गठबंधन टूटा तो बोल पड़े अखिलेश यादव

नई दिल्‍ली: समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन को अखिलेश यादव ने ‘प्रयोग’ बताया है. उन्‍होंने इंजीनियरिंग की अपनी डिग्री का हवाला देते हुए कहा, “मैं इंजीनियर हूं, एक प्रयोग किया था. जरूरी नहीं कि हमेशा सफल रहूं.” अखिलेश ने मायावती को लेकर कहा कि वे उनका सम्‍मान करते रहेंगे.

‘इंजीनियर’ अखिलेश ने मैसूर के श्री जयचामाराजेंद्र कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से सिविल एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग की बैचलर डिग्री ले रखी है. उनके पास ऑस्‍ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी से एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग में मास्‍टर्स डिग्री भी है.

यूपी के पूर्व सीएम ने कहा, “मायावती का सम्मान पहले की तरह रहेगा. राजनीति में रिश्ते बने रहेंगे.” अखिलेश ने कहा कि ‘रास्‍ते अलग हैं तो हम भी उपचुनाव लड़ेंगे. उन्‍होंने कहा कि इस बारे में पार्टी नेताओं से बात की जाएगी.

मायावती ने क्‍या कहा था?

बसपा सुप्रीमो मायावती ने 4 जून को ऐलान किया था कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा उपचुनाव अकेले लड़ेगी. मायावती ने कहा था कि वह सपा के साथ अपने गठबंधन से विराम ले रही हैं. उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा “यह एक स्थायी विराम नहीं है.” उन्होंने समाजवादी पार्टी को अपने कैडर में सुधार लाने के लिए कहा.

मायावती ने साफ किया कि उनकी पार्टी को समाजवादी पार्टी के आधार वोट से कोई फायदा नहीं हुआ है. मायावती ने कहा, “हालांकि, हम राजनीतिक मजबूरियों को नजरअंदाज नहीं कर सकते और हम विधानसभा उपचुनाव लड़ेंगे. हालांकि, यह पथ का अंत नहीं है. अगर समाजवादी पार्टी अपने कार्यकतार्ओं में एक मिशनरी उत्साह पैदा करती है और अपने प्रदर्शन में सुधार करती है, तो हम देखेंगे.”

उन्होंने कहा कि यादव मतदाताओं ने गठबंधन का समर्थन नहीं किया. उन्होंने कहा, “अगर यादवों ने गठबंधन को भारी संख्या में वोट दिया होता तो डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और अक्षय यादव जैसे वरिष्ठ सपा नेता यादव बहुल सीटों से नहीं हारते. यह समाजवादी पार्टी के लिए चिंता का विषय है.”

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