‘उपचुनाव में सभी 11 सीटों पर अकेले लड़ेगी सपा’, BSP से गठबंधन पर ये बोले अखिलेश

अखिलेश यादव ने कहा कि उपचुनाव में गठबंधन नहीं है. हम चुनाव की तैयारी करेंगे. सपा भी सलाह-मशविरा करके 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
Akhilesh Yadav, ‘उपचुनाव में सभी 11 सीटों पर अकेले लड़ेगी सपा’, BSP से गठबंधन पर ये बोले अखिलेश

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती के गठबंधन वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी है. अखिलेश यादव ने कहा है कि गंठबंधन के बारे में विचार करने के बाद वो इस और अधिक बात रखेंगे. उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि उपचुनाव में सपा सभी 11 सीटों पर अकेले मैदान में खड़ी होगी.

अखिलेश ने कहा, “गठबंधन टूटा है या गठबंधन के बारे में जो बात रखी गई है. मैं उस पर काफी सोच-विचार कर बात रखूंगा. उपचुनाव में गठबंधन नहीं है. हम चुनाव की तैयारी करेंगे. समाजवादी पार्टी भी सलाह-मशविरा करके 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.”

‘हमारे काम को आगे बढ़ा रही BJP’
सपा प्रमुख ने प्रदेश की योगी सरकार पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग हमें जात के नाम पर बदनाम करते हैं. हम जनता को बताना चाहते हैं कि सबसे बड़ी जातिवाद की पार्टी भाजपा है. बीजेपी के पास कोई काम नहीं है. हमारे काम को आगे बढ़ा रही है. 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी.


उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता की हत्या होती है तो मंत्री से लेकर सरकार तक दोषियों को पकड़ लेती है. गंगाजल से अपनी ऑफिस धोने वाले और जिसके साथ अन्याय हो रहा है, क्या उसके साथ न्याय होगा?

मायावती का गठबंधन पर बयान
इससे पहले मायावती ने मंगलवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि ‘मैंने सभी पुराने गिले-श‍िकवे मिलाकर समाजवादी पार्टी (सपा) से गठबंधन किया था.’ उन्‍होंने कहा कि “हमारे रिश्‍ते केवल राजनैतिक स्‍वार्थ के लिए नहीं बने हैं. ये रिश्‍ते हर सुख-दुख की घड़ी में ऐसे ही बने रहेंगे.”

‘यादवों ने नहीं दिया वोट’
मायावती ने कहा कि उनकी तरफ से रिश्‍ते कभी खत्‍म नहीं किए जाएंगे. उन्‍होंने ऐलान किया कि आगामी विधानसभा उपचुनाव बसपा अकेले लड़ेगी. हालांकि मायावती ने कहा कि दूसरी तरफ, राजनैतिक विवशताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. लोकसभा चुनाव परिणामों के संबंध में बड़े दुख के साथ ये कहना पड़ता है कि इस चुनाव में सपा का बेस वोट यानी यादव समाज साथ नहीं रह सका.

उन्होंने कहा कि अंदर-अंदर न जाने किस बात की नाराजगी के तहत ऐसा किया है. ऐसे में अन्‍य सीटों के साथ-साथ कन्‍नौज में डिंपल यादव, बदायूं से धर्मेंद्र यादव और फिरोजाबाद से रामगोपाल यादव के बेटे का भी हार जाना तो ऐसा है जो हमें बहुत कुछ सोचने पर मजबूर करता है.

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